जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र अंतर्गत बारिगोड़ा कृति मैदान के पास रविवार को जमीन विवाद को लेकर भारी हंगामा, तीखी नोकझोंक और उग्र प्रदर्शन हुआ। विवाद स्वर्गीय गृधा भूमिज की पुश्तैनी जमीन पर कथित रूप से अवैध निर्माण कार्य कराने को लेकर शुरू हुआ। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों आदिवासियों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद पूरे इलाके में सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव का माहौल बन गया है।स्थिति को भांपते हुए परसुडीह थाना पुलिस बल के साथ मौके पर मुस्तैद है।
अवतार सिंह और अन्य पर जबरन दीवार खड़ी करने का आरोप
ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार, पूरा विवाद तब भड़का जब अवतार सिंह नामक व्यक्ति कुछ स्थानीय रसूखदारों के साथ मिलकर विवादित भूखंड पर राजमिस्त्रियों को लगाकर तेजी से ईंट की दीवार (बाउंड्री वॉल) खड़ी करवा रहा था। जैसे ही आदिवासियों की जमीन पर अवैध कब्जे की भनक स्वर्गीय गृधा भूमिज की बेटियों को लगी, वे रोती-बिलखती सीधे कृति मैदान पहुंचीं। अपनी पुश्तैनी जमीन को छिनता देख बेटियों के समर्थन में पारंपरिक हथियारों और लाठी-डंडों के साथ बड़ी संख्या में आदिवासी ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने निर्माण कार्य को तुरंत रुकवाया और आक्रोश में आकर नव-निर्माणाधीन दीवार को पूरी तरह से तोड़कर मलबे में तब्दील कर दिया।
“पुलिस की मौजूदगी में हो रहा था अवैध कब्जा”— ग्रामीणों का गंभीर आरोप
इस पूरे हंगामे के दौरान ग्रामीणों का गुस्सा स्थानीय परसुडीह थाना पुलिस पर सबसे ज्यादा फूटा। ग्रामीणों और पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवालिया निशान खड़े किए हैं। घटनास्थल पर मौजूद आदिवासी नेताओं और महिलाओं ने सरेआम आरोप लगाया कि यह अवैध निर्माण कार्य परसुडीह पुलिस की मौन सहमति और मौजूदगी में कराया जा रहा था। बिना किसी उचित जांच-पड़ताल, कोर्ट के आदेश या अंचल अधिकारी की मापी के, पुलिस बल भू-माफियाओं को संरक्षण देकर निर्माण करा रहा था, जिसका समाज लगातार विरोध कर रहा था।
निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग, प्रशासन को चेतावनी
दीवार तोड़े जाने के बाद मौके पर स्थिति अत्यंत संवेदनशील और तनावपूर्ण हो गई। जमीन पर कब्जा कर रहे पक्ष और ग्रामीणों के बीच हिंसक झड़प की नौबत आ गई थी, लेकिन ग्रामीणों की भारी संख्या को देखकर निर्माण करा रहे लोग पीछे हट गए।ग्रामीणों और भूमिज समाज के प्रतिनिधियों ने जिला प्रशासन और वरीय पुलिस अधीक्षक से मांग की है किइस पूरे जमीन घोटाले और अवैध कब्जे के प्रयास की निष्पक्ष प्रशासनिक जांच कराई जाए।सीएनटी एक्ट के नियमों का उल्लंघन कर आदिवासियों की जमीन हड़पने की कोशिश करने वाले अवतार सिंह और उनके सहयोगियों पर हरिजन-आदिवासी अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज हो।साठगांठ करने वाले पुलिसकर्मियों पर भी विभागीय कार्रवाई की जाए।
छावनी में तब्दील हुआ बारिगोड़ा, पुलिस रख रही है नजर
फिलहाल, एहतियात के तौर पर बारिगोड़ा कृति मैदान और आस-पास के संवेदनशील मोर्चों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। परसुडीह थाना प्रभारी और अंचल के अधिकारी दोनों पक्षों को शांत कराने और कागजातों की जांच की बात कह रहे हैं। हालांकि, भूमिज समाज के कड़े रुख को देखते हुए क्षेत्र में अब भी सन्नाटा और तनाव पसरा हुआ है। ग्रामीणों ने साफ कर दिया है कि यदि उनकी पुश्तैनी जमीन से छेड़छाड़ की गई, तो वे परसुडीह थाने का घेराव कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
