जमशेदपुर: लौहनगरी जमशेदपुर में जहां एक तरफ टाटा स्टील के नागरिक सुविधाओं और ड्रेनेज सिस्टम को गुणवत्ता का पैमाना माना जाता है, वहीं दूसरी तरफ कंपनी के कमांड एरिया के तहत आने वाले भुइँयाडीह क्षेत्र से हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आ रही हैं। भुइँयाडीह स्थित लिट्टी चौक की मुख्य सड़क पर हल्की बारिश के बाद ही एक तरफ का पूरा रास्ता तालाब में तब्दील हो गया है। इस जलजमाव के कारण क्षेत्र के हजारों लोगों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो गया है और दुर्घटनाओं का ग्राफ बढ़ गया है।इस बदहाली को लेकर स्थानीय बस्तीवासियों ने टाटा स्टील यूटिलिटीज (जुस्को), जिला प्रशासन और जमशेदपुर पूर्वी की स्थानीय विधायक पूर्णिमा दास साहू के खिलाफ कड़ा आक्रोश व्यक्त किया है।
5 साल से यथावत है स्थिति; नाली जाम और ट्रक-ट्रेलरों का अवैध कब्जा
स्थानीय नागरिकों और दुकानदारों का कहना है कि जलजमाव की यह समस्या कोई नई नहीं है, बल्कि पिछले पांच वर्षों से हर मानसून और हल्की बारिश में यहां की स्थिति नारकीय हो जाती है।क्षेत्र के लोगों ने मुख्य रूप से दो बड़ी वजहें बताई हैं: स्थानीय लोगों का सीधा आरोप है कि टाटा स्टील प्रबंधन द्वारा इस मुख्य सड़क के किनारे बनी नालियों की समय पर और मुकम्मल सफाई नहीं कराई जाती है। पानी की निकासी पूरी तरह अवरुद्ध होने के कारण सड़क जलमग्न हो जाती है। लिट्टी चौक मुख्य सड़क के दोनों छोर पर कंपनी की ओर जाने वाले भारी ट्रक और ट्रेलरों को अवैध रूप से खड़ा कर दिया जाता है। इस अतिक्रमण की वजह से मुख्य सड़क बेहद संकीर्ण (पतली) हो गई है। संकरी सड़क और उस पर जमा पानी के कारण दोपहिया वाहन चालक आए दिन फिसलकर गिर रहे हैं और बड़ी दुर्घटनाओं को आमंत्रण मिल रहा है।
“आवास से चंद कदम दूर है बदहाली”
विधायक पूर्णिमा दास साहू पर उदासीनता का आरोपइस पूरे मामले में सबसे ज्यादा नाराजगी स्थानीय विधायक पूर्णिमा दास साहू के खिलाफ देखी जा रही है। आक्रोशित बस्तीवासियों ने बताया कि लिट्टी चौक के इस जलजमाव वाले स्थल से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर विधायक का आधिकारिक आवास स्थित है।बस्ती के प्रबुद्ध नागरिकों ने नाराजगी जताते हुए कहा “रोजाना इस मार्ग से जनप्रतिनिधि और अधिकारी गुजरते हैं। हमने खुद कई बार विधायक महोदया को लिखित और मौखिक रूप से इस नारकीय स्थिति से अवगत कराया और ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने की गुहार लगाई। लेकिन उनके द्वारा आज तक धरातल पर कोई ठोस पहल नहीं की गई। चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे किए जाते हैं, लेकिन संकट के समय विधायक का यह उदासीन रवैया केवल ‘वोट की राजनीति’ को दर्शाता है। जनप्रतिनिधि की इस अनदेखी से क्षेत्र के लोग खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।”
जिला प्रशासन और टाटा स्टील से तत्काल कार्रवाई की मांग
भुइँयाडीह और लिट्टी चौक के निवासियों ने जिला प्रशासन, यातायात पुलिस और टाटा स्टील प्रबंधन से संयुक्त रूप से इस समस्या का परमानेंट समाधान निकालने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि जल्द ही नालियों की सफाई कराकर पानी की निकासी बहाल नहीं की गई और सड़क किनारे अवैध रूप से खड़े होने वाले ट्रेलर वाहनों पर जुर्माना लगाकर उन्हें नहीं हटाया गया, तो स्थानीय जनता मुख्य सड़क को जाम कर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
