जमशेदपुर :अखिल भारतीय तेली साहू महासभा, पूर्वी सिंहभूम की रविवार (31 मई) को हुई आम सभा में एक ऐतिहासिक और कड़ा फैसला लिया गया। महासभा ने पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष राकेश साहू को गंभीर वित्तीय अनियमितताओं और समाज विरोधी गतिविधियों का दोषी पाते हुए उनकी आजीवन सदस्यता समाप्त कर दी है। इसके साथ ही, वरिष्ठ समाजसेवी द्वारिका प्रसाद को सर्वसम्मति से समाज का नया बागडोर सौंपी गई है।
जांच समिति की रिपोर्ट में बड़ा खुलासा
पर्यवेक्षक समिति और जांच समिति द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई है। रिपोर्ट में स्पष्ट कहा गया है कि राकेश साहू अपने कार्यकाल के दौरान हुए आय-व्यय का हिसाब देने से बचने के लिए लगातार षड्यंत्र रच रहे थे।
राकेश साहू पर लगे ये 6 गंभीर आरोप
आम सभा में जांच समिति ने पूर्व अध्यक्ष की कार्यप्रणाली पर कई सवाल उठाए और निम्नलिखित आरोपों की पुष्टि की. वर्ष 2020 से 2026 तक जानबूझकर चुनाव न कराना और असंवैधानिक रूप से पद पर बने रहना। समाज के विकास के लिए एकत्र किए गए चंदे की राशि को व्यक्तिगत बैंक खाते में लेना। 7 वर्षों के कार्यकाल का कोई आधिकारिक आय-व्यय विवरण प्रस्तुत न करना । समाज के नाम पर बनी फिक्स्ड डिपॉजिट को समय से पहले तोड़ना और उससे प्राप्त ब्याज राशि का निजी हितों में उपयोग करना। बिना UDIN (Unique Document Identification Number) के फर्जी ऑडिट रिपोर्ट तैयार कर समाज को गुमराह करना। आम सभा के दौरान हंगामा खड़ा करना और समाज के महत्वपूर्ण कानूनी दस्तावेज चोरी करने का प्रयास करना।
द्वारिका प्रसाद के नेतृत्व में नई शुरुआत
भारी हंगामे और गर्मागर्म बहस के बीच समाज के प्रबुद्ध जनों ने द्वारिका प्रसाद के नाम पर मुहर लगाई। नवनियुक्त अध्यक्ष द्वारिका प्रसाद ने कहा कि उनकी प्राथमिकता समाज में पारदर्शिता लाना और खोई हुई गरिमा को वापस पाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वित्तीय अनियमितताओं की गहराई से जांच जारी रहेगी ताकि समाज के एक-एक पैसे का हिसाब लिया जा सके।
समाज में आक्रोश का माहौल
इस खुलासे के बाद साहू समाज के सदस्यों में भारी रोष देखा जा रहा है। आम सभा में मौजूद सदस्यों ने एक स्वर में कहा कि समाज की संपत्ति का निजी इस्तेमाल करने वालों के लिए कोई जगह नहीं है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए भविष्य में कानूनी कार्रवाई करने पर भी विचार किया जा रहा है।
