जमशेदपुर के मानगो विकास समिति के अध्यक्ष हाजी फिरोज खान ने क्षेत्र की विभिन्न जनसमस्याओं को लेकर मानगो नगर निगम के नगर आयुक्त को ज्ञापन सौंपा है। समिति ने जर्जर सड़कों, जाम नालों, सफाई व्यवस्था और गांधी मैदान की बदहाल स्थिति पर चिंता जताते हुए इन समस्याओं के शीघ्र समाधान की मांग की है।समिति का कहना है कि लंबे समय से इन समस्याओं के कारण क्षेत्रवासियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
रोड नंबर-17 के पुनर्निर्माण की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि रोड नंबर-17 (केपीएस स्कूल से नेशनल कमेटी तक) की सड़क पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। जगह-जगह बड़े गड्ढे होने के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। समिति ने इस सड़क का अविलंब पुनर्निर्माण कराने की मांग की है।
जाम नालों की सफाई की मांग
समिति ने बताया कि बावनगोड़ा चौक का नाला लंबे समय से जाम है, जिससे बारिश के दौरान पूरा क्षेत्र जलमग्न हो जाता है। इसके अलावा 14 नंबर कब्रिस्तान से आशा तक का नाला भी जाम होने के कारण हर बारिश में जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है। दोनों नालों की तत्काल सफाई कराने की मांग की गई है।
नियमित कचरा उठाव और डस्टबिन लगाने की मांग
ज्ञापन में कहा गया है कि कई इलाकों में डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण नियमित रूप से नहीं हो रहा है। इसके कारण सड़कों पर कचरे के ढेर लग रहे हैं, जिससे गंदगी फैल रही है और संक्रामक बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है।समिति ने पूर्व की तरह क्षेत्र में पर्याप्त संख्या में डस्टबिन उपलब्ध कराने की भी मांग की है।
गांधी मैदान से कचरा गाड़ियों को हटाने की मांग
मानगो विकास समिति ने आरोप लगाया कि गांधी मैदान में नगर निगम की कचरा ढोने वाली गाड़ियां लंबे समय तक खड़ी रहती हैं। इससे बच्चों के खेलने में बाधा उत्पन्न होती है और आसपास गंदगी एवं दुर्गंध फैलती है।समिति ने बताया कि मैदान के पीछे स्थित गांधी स्कूल के छात्र-छात्राओं और शिक्षकों को भी दुर्गंध का सामना करना पड़ता है। इसलिए कचरा वाहनों को किसी वैकल्पिक स्थान पर स्थानांतरित करने और गांधी मैदान की नियमित सफाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन की चेतावनी
मानगो विकास समिति ने नगर निगम प्रशासन से सभी समस्याओं का शीघ्र समाधान करने की अपील की है। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते उचित कार्रवाई नहीं की गई तो स्थानीय नागरिकों के साथ लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण आंदोलन किया जाएगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी नगर निगम प्रशासन की होगी।
