जमशेदपुर। लौहनगरी जमशेदपुर के बारीडीह स्थित मणिपाल टाटा मेडिकल कॉलेज में सोमवार को एक ऐतिहासिक अध्याय की शुरुआत हुई। कॉलेज के पहले दीक्षांत समारोह में शैक्षणिक सत्र 2020-21 के 133 एमबीबीएस छात्रों को स्नातक की उपाधि प्रदान की गई। यह समारोह मणिपाल एकेडमी ऑफ हायर एजुकेशन के 33वें दीक्षांत समारोह के हिस्से के रूप में आयोजित किया गया।
गरिमामय उपस्थिति और सम्मान
समारोह में झारखंड के माननीय राज्यपाल संतोष गंगवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उनके साथ भारत सरकार के गृह मंत्रालय के वरिष्ठ सुरक्षा सलाहकार के. विजय कुमार विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहे। छात्रों को औपचारिक रूप से मेडिकल डिग्रियां एमएएचई के कुलपति डॉ. शरथ के. राव ने प्रदान कीं।
मानवीय संवेदनाओं को बताया सेवा का आधार
नवस्नातक डॉक्टरों को संबोधित करते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने चिकित्सा क्षेत्र की महत्ता पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा “यह दीक्षांत समारोह केवल एक शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति आपकी जिम्मेदारी की शुरुआत है। डॉक्टर एक स्वस्थ और न्यायसंगत समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।” राज्यपाल ने डॉक्टरों से आह्वान किया कि वे चिकित्सा को केवल पेशा न मानकर मानवता की सेवा का मिशन समझें। उन्होंने जोर देकर कहा कि एआई और आधुनिक तकनीकों के युग में भी स्वास्थ्य सेवा का असली आधार मानवीय संवेदनाएं, सहानुभूति और मरीज का विश्वास ही रहेगा।
गौरवशाली रहा माहौल
कॉलेज परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम में टाटा स्टील और मणिपाल समूह के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ-साथ शिक्षाविद, फैकल्टी सदस्य और छात्रों के गौरवान्वित परिजन बड़ी संख्या में उपस्थित थे। पहले बैच के स्नातक होने से संस्थान में उत्साह और हर्ष का माहौल देखा गया।
