जमशेदपुर में 41 बटुकों का सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार सम्पन्न, हजारों लोग बने साक्षी

जमशेदपुर : जमशेदपुर में ब्रह्मर्षि विकास मंच द्वारा आयोजित अष्टम सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार के दूसरे दिन सोमवार को 41 बटुकों का जनेऊ संस्कार विधिवत सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर जनेऊ संस्कार कराने वाले बच्चों के परिवार के सदस्य, ब्रह्मर्षि समाज के लोग और शहर के हजारों श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हुए।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 6 बजे से वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ हुई। इस दौरान घृतधारी, मुंडन और भिक्षाटन जैसे पारंपरिक संस्कार सम्पन्न कराए गए। शाम के समय प्रवचन, आरती और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए।

हजारों लोगों की उपस्थिति

इस सामूहिक यज्ञोपवीत संस्कार में जमशेदपुर सहित आसपास के क्षेत्रों से ब्रह्मर्षि समाज के हजारों लोग शामिल हुए। पूरे आयोजन स्थल पर धार्मिक और आध्यात्मिक वातावरण देखने को मिला।

कई गणमान्य अतिथियों की रही उपस्थिति

कार्यक्रम में बच्चों को आशीर्वाद देने के लिए चतरा के सांसद कालीचरण सिंह, पूर्व आईजी लक्ष्मण सिंह, संरक्षक राम प्रकाश पाण्डेय, मंच के अध्यक्ष रामनारायण शर्मा, अंगद तिवारी और प्रभाकर शर्मा सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।मंचीय कार्यक्रम की शुरुआत भगवान परशुराम ऋषि और स्वामी सहजानंद सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर तथा दीप प्रज्वलित कर की गई।

यज्ञोपवीत संस्कार के महत्व पर दिया जोर

मुख्य अतिथि सांसद कालीचरण सिंह ने अपने संबोधन में भगवान परशुराम और स्वामी सहजानंद को नमन करते हुए यज्ञोपवीत संस्कार के धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ब्रह्मर्षि समाज ने शास्त्र और शस्त्र दोनों को साधते हुए समाज में अपना विशिष्ट स्थान बनाया है।उन्होंने देश के विकास में योगदान देने वाले कई महान व्यक्तित्वों को याद किया, जिनमें बैकुंठ शुक्ल, श्री कृष्ण सिंह, योगेंद्र शुक्ल, पत्रकार रजत शर्मा और फिल्म अभिनेता पंकज त्रिपाठी का उल्लेख किया।उन्होंने ब्रह्मर्षि विकास मंच जमशेदपुर द्वारा आयोजित इस सामूहिक आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से समाज में एकता और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है तथा सामूहिक आयोजनों की परंपरा मजबूत होती है।

समाज की अनुशासन और कर्मठता की सराहना

पूर्व आईजी लक्ष्मण सिंह ने भी अपने संबोधन में ब्रह्मर्षि समाज की अनुशासन और कर्मठता की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह समाज जहां भी रहता है, वहां अपनी सकारात्मक छाप छोड़ता है।

मातृ शक्ति की रही विशेष भागीदारी

कार्यक्रम में मातृ शक्ति की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। समय-समय पर महिलाओं द्वारा मंगल गान प्रस्तुत किए गए, जिससे आयोजन का वातावरण और अधिक धार्मिक और उत्साहपूर्ण बन गया।

आयोजन को सफल बनाने में कई कार्यकर्ताओं की भूमिका

कार्यक्रम को सफल बनाने में मंच के महासचिव मुकेश शर्मा सहित प्रमोद ठाकुर, श्रीनिवास ठाकुर, शशि सिंह, सुनील पाण्डेय, रजनीश पांडे, गोल्डन, मनोज ठाकुर, कुंदन, संजीव ओझा, विजय नारायण, सुधीर सिंह, गोपाल ठाकुर, रविंद्र पांडे, संजय सिंह, नवीन कुमार, संजय शर्मा, संजय कुमार सिंह, महेश तिवारी, कामेश्वर तिवारी, वीरेंद्र सिंह, राजेश कुमार सिंह, कृष्णकांत पाण्डेय और राजीव सिंह समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता सक्रिय रूप से जुड़े रहे।कुल मिलाकर यह आयोजन ब्रह्मर्षि समाज की धार्मिक परंपराओं, सामाजिक एकता और सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हुआ।

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