400 करोड़ का एमजीएम अस्पताल, लेकिन एप्रोच रोड ‘लापता’; गड्ढों के सहारे एंबुलेंस, प्रशासनिक अनदेखी से मरीज परेशान

जमशेदपुर:कोल्हान आयुक्त रवि रंजन कुमार विक्रम द्वारा एमजीएम अस्पताल के निरीक्षण के महीनों बाद भी अस्पताल की मुख्य सड़क से जुड़ने वाली एप्रोच रोड का निर्माण अधर में लटका हुआ है। स्थिति यह है कि अत्याधुनिक सुविधाओं वाले इस अस्पताल तक पहुँचने के लिए मरीजों और एंबुलेंस को धूल और गहरे गड्ढों का सामना करना पड़ रहा है।

टेंडर की विसंगतियों में फंसा विकास

आयुक्त के निरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ था कि भवन निर्माण के साथ ही एप्रोच रोड का काम पूरा हो जाना चाहिए था, लेकिन प्रशासनिक तालमेल की कमी ने इसे मुमकिन नहीं होने दिया। बताया जा रहा है कि पथ निर्माण विभाग द्वारा निकाले गए टेंडर में तकनीकी विसंगतियां थीं, जिसके कारण टेंडर प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी और सड़क का निर्माण रुक गया।अस्पताल के दो मुख्य द्वारों में से सड़क न होने के कारण केवल एक ही गेट का उपयोग हो रहा है। इससे अस्पताल परिसर के मुख्य द्वार पर जाम की स्थिति बनी रहती है।

एंबुलेंस के लिए चुनौती, मरीजों के लिए आफत

अस्पताल शुरू हुए 18 महीने (डेढ़ साल) से अधिक का समय हो चुका है, लेकिन बुनियादी सुविधाओं में गिना जाने वाला ‘एप्रोच रोड’ अब तक कागजों से बाहर नहीं आ पाया है। गंभीर मरीजों को लेकर आने वाली एंबुलेंस को जब ऊबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरना पड़ता है, तो मरीज की जान पर बन आती है। आम जनमानस और अस्पताल आने वाले तीमारदारों को भी इस लापरवाही का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।

केवल आश्वासनों का सहारा

पिछले दिनों तत्कालीन अधिकारियों (जिनमें कर्ण सत्यार्थी भी शामिल थे) ने आश्वस्त किया था कि टेंडर प्रक्रिया को जल्द पूरा कर सड़क निर्माण शुरू करा दिया जाएगा। बावजूद इसके, धरातल पर अब तक एक ईंट भी नहीं रखी गई है। कोल्हान आयुक्त के कड़े रुख के बाद भी विभाग की सुस्ती यह दर्शाती है कि मरीजों की सहूलियत प्रशासन की प्राथमिकता सूची में शायद काफी नीचे है।

More From Author

जमशेदपुर: 3 मई को 8 केंद्रों पर होगी नीट (यूजी )परीक्षा, 4231 परीक्षार्थी होंगे शामिल