किरीबुरू अस्पताल में डॉक्टरों से दुर्व्यवहार पड़ेगा भारी, 10 साल तक की सजा का प्रावधान

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गुवा । किरीबुरू-मेघाहातुबुरु सामान्य अस्पताल प्रबंधन ने डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर सख्त रुख अपनाया है। अस्पताल प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों एवं स्वास्थ्यकर्मियों के साथ अभद्र व्यवहार, मारपीट, धमकी देने, अस्पताल परिसर में जबरन प्रवेश करने तथा संपत्ति और चिकित्सा उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसे कृत्य कानूनन अपराध हैं। ऐसे मामलों में अपराध की प्रकृति के अनुसार भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा सकती है।यह अस्पताल स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के सेंट्रल माइनिंग एंड लॉजिस्टिक्स ऑर्गनाइजेशन के अंतर्गत किरीबुरू आयरन ओर माइंस से संबंधित है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से जारी सूचना में डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों के साथ दुर्व्यवहार करने वालों के खिलाफ लागू कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई है।

अभद्र व्यवहार और धमकी देने पर सजा का प्रावधान

अस्पताल प्रबंधन की सूचना के अनुसार, डॉक्टरों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग करने और धमकी देने जैसे मामलों में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत सजा और जुर्माने का प्रावधान है। सूचना में धारा 352 के तहत दो वर्ष तक की कैद और जुर्माने तथा धारा 351(2) के तहत आपराधिक धमकी के मामले में दो वर्ष तक की सजा का उल्लेख किया गया है।इसके अलावा डॉक्टरों और चिकित्सा कर्मचारियों को चोट पहुंचाने, अस्पताल परिसर में हमला करने तथा संपत्ति या उपकरणों को नुकसान पहुंचाने जैसे मामलों में भी अपराध की प्रकृति के आधार पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

अस्पताल परिसर में हंगामा करने पर भी कार्रवाई

अस्पताल प्रबंधन ने भीड़ द्वारा हमला करने, जबरन परिसर में प्रवेश करने और महिला डॉक्टरों के साथ हमला या उत्पीड़न करने जैसी घटनाओं को लेकर भी कानूनी प्रावधानों का उल्लेख किया है। प्रबंधन ने सोशल मीडिया, प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में डॉक्टरों या अस्पताल के खिलाफ कथित तौर पर गलत अथवा मानहानिकारक सामग्री प्रकाशित करने के मामलों की ओर भी ध्यान दिलाया है।

अस्पताल में शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील

अस्पताल प्रबंधन ने आम लोगों से डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों के साथ सम्मानजनक व्यवहार करने तथा अस्पताल परिसर में शांति और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। प्रबंधन के अनुसार, मरीजों को बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों का सुरक्षित एवं भयमुक्त वातावरण में काम करना जरूरी है।अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चिकित्सा कर्मियों की सुरक्षा सुनिश्चित होने से वे बिना किसी दबाव के मरीजों के इलाज पर ध्यान केंद्रित कर सकेंगे।

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