Views: 3
जमशेदपुर: परसुडीह थाना क्षेत्र में मां दुर्गा की प्रतिमा विसर्जन के दौरान दो पक्षों के बीच हुई मारपीट के मामले में झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के जिला महासचिव मानिक मलिक ने अपने ऊपर लगे आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर आरोप लगाया कि घटना को राजनीतिक रंग देकर उनकी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इस मारपीट में दो लोगों के गंभीर रूप से घायल होने की बात सामने आई थी।
दुकानदार से विवाद के बाद बढ़ा मामला: मानिक मलिक
मानिक मलिक के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन के दौरान एक दुकानदार द्वारा पैसे मांगे जाने को लेकर विवाद शुरू हुआ। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने दुकानदार के साथ गाली-गलौज की और उसकी बेटी के साथ छेड़खानी की। इसके बाद उन्हें मौके पर बुलाया गया, जहां वह अपने समर्थकों के साथ पहुंचे और कथित घटनाक्रम का विरोध किया।
दोनों पक्षों के बीच मारपीट का आरोप
मानिक मलिक ने दावा किया कि उनके विरोध करने पर दूसरे पक्ष के 30 से 40 लोग मौके पर पहुंचे और मारपीट शुरू कर दी। उनके मुताबिक, इसके बाद स्थानीय लोगों और उनके समर्थकों ने भी जवाबी कार्रवाई की।उन्होंने यह भी दावा किया कि मारपीट के दौरान किसी का सिर नहीं फूटा था। मानिक मलिक ने घटना को राजनीतिक षड्यंत्र के तहत तूल दिए जाने का आरोप लगाते हुए अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को खारिज किया।
मामले में निष्पक्ष जांच की जरूरत
प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई इस घटना को लेकर दोनों पक्षों के आरोपों और दावों की निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण है। मानिक मलिक की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। घटना में घायल हुए लोगों की स्थिति, पुलिस की जांच और दूसरे पक्ष का बयान सामने आने के बाद मामले की पूरी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।
