जमशेदपुर: शास्त्रीनगर ब्लॉक नंबर-3 में गैस पाइपलाइन बिछाने के बाद सड़कों की मरम्मत को लेकर स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। क्षेत्रवासियों ने सड़क मरम्मत की गुणवत्ता और कंक्रीट की मोटाई पर सवाल उठाते हुए पूरे कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।स्थानीय लोगों का आरोप है कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए कई जगह सड़क काटकर गहरे गड्ढे किए गए थे, जिन्हें लंबे समय तक खुला छोड़ दिया गया। अब इन स्थानों पर मरम्मत का काम शुरू हुआ है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर नागरिकों में असंतोष है।
छह इंच की पुरानी सड़क, एक से डेढ़ इंच की ढलाई का आरोप
क्षेत्रवासियों के अनुसार, खुदाई के दौरान सड़क की मूल कंक्रीट की मोटाई करीब छह इंच थी। वहीं, वर्तमान मरम्मत कार्य में कथित तौर पर केवल एक से डेढ़ इंच मोटी कंक्रीट की परत डाली जा रही है।नागरिकों का कहना है कि इतनी पतली कंक्रीट की ढलाई से सड़क की मजबूती प्रभावित हो सकती है और आने वाले समय में सड़क के दोबारा टूटने की आशंका बनी रहेगी।
मजदूरों और ठेकेदार के प्रतिनिधियों से भी हुई बातचीत
स्थानीय निवासियों ने मौके पर मौजूद मजदूरों और ठेकेदार के प्रतिनिधियों से इस संबंध में बातचीत की। लोगों ने सड़क की मूल मोटाई के अनुरूप मरम्मत करने का आग्रह किया।क्षेत्रवासियों का दावा है कि उन्हें बताया गया कि ठेकेदार की ओर से एक से डेढ़ इंच कंक्रीट डालने का निर्देश दिया गया है। इस जवाब के बाद लोगों का असंतोष और बढ़ गया।
तकनीकी मानकों के अनुरूप काम कराने की मांग
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सार्वजनिक सड़कों की मरम्मत निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुसार होनी चाहिए। उनका तर्क है कि यदि सड़क को जिस स्तर तक काटा गया है, उसकी मरम्मत भी उसी स्तर की मजबूती और गुणवत्ता के साथ होनी चाहिए।क्षेत्रवासियों ने आशंका जताई कि कमजोर मरम्मत के कारण सड़क कुछ समय बाद फिर क्षतिग्रस्त हो सकती है। इससे दोबारा मरम्मत की जरूरत पड़ेगी और आम लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
गेल प्रबंधन और जिला प्रशासन से जांच की मांग
नागरिकों ने गेल प्रबंधन और जिला प्रशासन से शास्त्रीनगर में हुए सड़क मरम्मत कार्य की तकनीकी जांच कराने की मांग की है।उनका कहना है कि गैस पाइपलाइन बिछाने के लिए जिन-जिन स्थानों पर सड़क काटी गई है, वहां इस्तेमाल की जा रही सामग्री, कंक्रीट की मोटाई और निर्माण की गुणवत्ता की जांच कराई जानी चाहिए।क्षेत्रवासियों ने यह भी मांग की है कि जांच में यदि किसी तरह की अनियमितता या निर्धारित मानकों की अनदेखी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाए।
विकास परियोजना के विरोध में नहीं हैं नागरिक
स्थानीय लोगों ने स्पष्ट किया कि वे गैस पाइपलाइन जैसी विकास परियोजनाओं के विरोधी नहीं हैं। उनका कहना है कि विकास कार्य जरूरी हैं, लेकिन इसके साथ सार्वजनिक संपत्ति, सड़क की गुणवत्ता और लोगों की सुरक्षा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए।नागरिकों के मुताबिक, सड़क की मरम्मत गुणवत्तापूर्ण तरीके से होने पर भविष्य में बार-बार सड़क टूटने और मरम्मत की समस्या से लोगों को राहत मिल सकती है।
