सरायकेला:राजनगर प्रखंड की हेरमा पंचायत अंतर्गत हाथीसेरंग गांव में प्रसव के दौरान हुई जच्चा-बच्चा की मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। बुधवार को सांसद जोबा माझी औरउपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने खुद गांव का दौरा कर पीड़ित परिवार से मुलाकात की और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पीड़ित परिवार को सांत्वना और मुआवजा
प्रशासनिक टीम ने पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की। अधिकारियों ने मौके पर सहायता राशि की पुष्टि करते हुए बताया कि परिवार को तत्काल सहायता के तौर पर 20,000 रुपये प्रदान किए गए हैं।प्रशासन की ओर से 4 लाख रुपये का मुआवजा चेक भी पूर्व में ही सौंपा जा चुका है।
सांसद जोबा माझी का सख्त रुख
सिंहभूम की सांसद जोबा माझी ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं में इस तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जा रही है। जांच में यदि स्वास्थ्य विभाग का कोई भी कर्मी या व्यवस्था की खामी पाई जाती है, तो उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
उपायुक्त ने स्वास्थ्य व्यवस्था का लिया जायजा
उपायुक्त नितीश कुमार सिंह ने गांव में स्थानीय स्वास्थ्य सेवाओं की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने परिजनों से उन बिंदुओं पर बात की जहां कथित तौर पर लापरवाही हुई थी।उपायुक्त ने कहा कि जांच रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।ग्रामीणों की मांग पर क्षेत्र में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्रामीणों में आक्रोश और मांग
इस घटना के बाद से स्थानीय ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर गहरा रोष है। ग्रामीणों का कहना है कि सुदूर क्षेत्रों में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति दयनीय है, जिसके कारण अक्सर आपात स्थिति में समय पर इलाज नहीं मिल पाता। उन्होंने मांग की है कि क्षेत्र में 24×7 एम्बुलेंस सेवा और दक्ष स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती हो।प्रसव पूर्व जांच और देखभाल के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए।
