गम्हरिया : सरायकेला-खरसावां जिले में आसमान से बरस रही आग और भीषण तपिश को देखते हुए जिला पुलिस कप्तान के निर्देश पर एक बेहतरीन मानवीय पहल की गई है। जिले के सभी 14 प्रमुख ट्रैफिक पोस्टों पर तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के जवानों के बीच तीखी धूप और लू से बचाव के लिए आवश्यक राहत और स्वास्थ्य सुरक्षा सामग्रियों का वितरण किया गया है।इस पहल का मुख्य उद्देश्य दिन-रात तवे जैसी तपती सड़कों पर खड़े रहकर शहर की लाइफलाइन को चालू रखने वाले पुलिसकर्मियों को डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक से बचाना है।
छतरी, ओआरएस और कूलिंग वॉटर बोतल से लैस हुए जवान
सरायकेला जिला अंतर्गत गम्हरिया, कपाली, कांड्रा, चांडिल और सरायकेला मुख्यालय के चौराहों पर तैनात जवानों को ऑन-स्पॉट राहत सामग्री पहुंचाई गई। जवानों को धूप से बचने के लिए मजबूत छतरियां, पानी को लंबे समय तक ठंडा रखने वाली कूलिंग वॉटर बोतल और शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी को पूरा करने के लिए ओआरएस के पैकेट्स उपलब्ध कराए गए हैं। जवानों को निर्देश दिया गया है कि वे ड्यूटी के दौरान लगातार पानी और ओआरएस का घोल पीते रहें ताकि भीषण धूप में चक्कर आने या डिहाइड्रेशन की समस्या न हो।
“जल्द मिलेंगे हाई-टेक कूलिंग जैकेट”— ट्रैफिक प्रभारी राजू
अभियान की कमान संभाल रहे ट्रैफिक प्रभारी राजू ने इस जन-कल्याणकारी पहल की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया “लगातार बढ़ते तापमान और चिलचिलाती धूप के बावजूद हमारे ट्रैफिक के जवान पूरी ईमानदारी से अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर रहे हैं। ऐसे में उनके स्वास्थ्य की सुरक्षा करना हमारा पहला कर्तव्य है। यह तो बस शुरुआत है, एसपी साहब के निर्देश पर बहुत जल्द सभी जवानों को विशेष ‘कूलिंग जैकेट’ भी उपलब्ध कराए जाएंगे, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करेंगे।”
दिनभर सड़क पर तपने वाले ‘सारथियों’ की बढ़ी कार्यक्षमता
ट्रैफिक प्रभारी ने आगे कहा कि अमूमन लोग गर्मी से बचने के लिए एसी और पंखों का सहारा लेते हैं, लेकिन ट्रैफिक पुलिसकर्मी सुबह से लेकर देर रात तक बिना किसी छांव के सीधे सूर्य की किरणों और गाड़ियों के साइलेंसर से निकलने वाले गर्म धुएं के बीच खड़े रहते हैं। ऐसे में लू की चपेट में आने का खतरा सबसे ज्यादा इन्हीं को होता है। इन जरूरी संसाधनों के मिल जाने से अब जवान सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
पुलिस महकमे में उत्साह, जनता ने भी सराहा
मुख्यालय की इस संवेदनशील पहल के बाद भीषण गर्मी में पसीना बहा रहे जवानों के चेहरे खिल उठे और उनमें एक नया उत्साह देखने को मिला। न केवल पुलिस महकमा, बल्कि सड़कों से गुजरने वाले आम राहगीरों और प्रबुद्ध नागरिकों ने भी सरायकेला पुलिस की इस संवेदनशीलता की मुक्त कंठ से सराहना की है। लोगों का कहना है कि अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ-साथ जवानों के कल्याण के लिए ऐसे कदम उठाया जाना बेहद जरूरी है।
