झारखंड: नीट सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में धांधली और झारखंड के विश्वविद्यालयों में लागू ‘क्लस्टर सिस्टम’ के खिलाफ राज्यव्यापी आंदोलन की लहर तेज हो गई है। शुक्रवार को इंकलाबी नौजवान सभा और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन के बैनर तले राज्य के विभिन्न हिस्सों में ‘चक्का जाम’ किया गया।
हेसालौंग मुख्य सड़क पर भारी प्रदर्शन
आंदोलन के क्रम में हेसालौंग मुख्य सड़क पर छात्र-नौजवानों ने सड़क जाम कर आवागमन पूरी तरह ठप कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र और राज्य सरकार की शिक्षा नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों का कहना है कि परीक्षाओं में सेंधमारी और पेपर लीक अब एक सामान्य बात हो गई है, जिससे मेहनत करने वाले छात्रों का भविष्य अधर में लटक गया है।
आंदोलनकारियों की प्रमुख माँगें
छात्रों और युवाओं ने मुख्य रूप से दो बड़े मुद्दों पर सरकार को घेरा है जिसमें प्रतियोगी परीक्षाओं में हुई धांधली की उच्च स्तरीय जाँच हो और दोषियों को कड़ी से कड़ी सजा मिले और झारखंड के विश्वविद्यालयों में लागू क्लस्टर सिस्टम को उच्च शिक्षा विरोधी बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की माँग की गई।छात्र नेता मनीष यादव ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक ने लाखों युवाओं के सपनों को चकनाचूर कर दिया है। वहीं क्लस्टर सिस्टम उच्च शिक्षा के ढांचे को कमजोर कर रहा है। अगर सरकार ने इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह आंदोलन दिल्ली से लेकर रांची तक और उग्र होगा।”
नेतृत्व और सहभागिता
इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व मुख्य रूप से मनीष यादव, सुनील कुमार किस्कू और सुरेश बेदिया ने किया। आंदोलन में भारी संख्या में छात्र और युवा शामिल थे, जिन्होंने स्पष्ट किया कि यह केवल शुरुआत है; मांगे पूरी न होने पर राज्यव्यापी बेमियादी आंदोलन की चेतावनी दी गई है।
