एडीएल स्कूल भर्ती व फंड अनियमितता मामले में फिर सख्त हुआ सीएम कार्यालय, स्कूल प्रबंधन को एक सप्ताह की अंतिम मोहलत

जमशेदपुर: शहर के चर्चित एडीएल स्कूल में कथित शिक्षक नियुक्ति अनियमितता और सरकारी फंड के दुरुपयोग के मामले में एक बार फिर मुख्यमंत्री कार्यालय ने सख्ती दिखाई है। सीएम कार्यालय के निर्देश के बाद जिला शिक्षा अधीक्षक (डीएसई) ने स्कूल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया है।

जनरल सेक्रेटरी ने की थी शिकायत

यह मामला एडीएल सोसाइटी के जनरल सेक्रेटरी के. गुरुनाथ राव द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के बाद सामने आया। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि 27 सितंबर 2023 को एडीएल सोसाइटी मध्य विद्यालय में सात शिक्षकों की नियुक्ति के लिए विज्ञापन जारी किया गया था।शिकायत के अनुसार, चूंकि यह तेलुगु भाषाई अल्पसंख्यक विद्यालय है, इसलिए नियुक्ति प्रक्रिया में तेलुगु भाषा के योग्य शिक्षकों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए थी। इसके लिए विधिवत परीक्षा भी आयोजित की गई थी।

मेरिट में आने के बावजूद नहीं मिली नियुक्ति

आरोप है कि परीक्षा में पांच सामान्य शिक्षकों के अलावा 88 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले दो तेलुगु भाषा के अभ्यर्थियों का चयन मेरिट सूची में हुआ था। इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन ने उनके दस्तावेजों में त्रुटि का हवाला देते हुए नियुक्ति नहीं दी।शिकायतकर्ता का आरोप है कि यह निर्णय नियमों के विपरीत लिया गया और नियुक्ति प्रक्रिया में अनियमितता बरती गई।

सरकारी फंड के दुरुपयोग का भी आरोप

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि मध्य विद्यालय के सरकारी फंड का गलत तरीके से अंग्रेजी माध्यम स्कूल के खाते में उपयोग किया गया। इस वित्तीय अनियमितता की भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।

पहली जांच में नहीं पहुंचा स्कूल प्रबंधन

शिकायत के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त को मामले की जांच कराने का निर्देश दिया था। उपायुक्त के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) के माध्यम से जिला शिक्षा विभाग को जांच समिति गठित कर स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण लेने को कहा गया।इस क्रम में 13 जून को जांच निर्धारित की गई थी, लेकिन स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुआ। इसके कारण जांच प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकी।

एक सप्ताह के भीतर उपस्थित होने का निर्देश

पहली जांच अधूरी रहने के बाद मुख्यमंत्री कार्यालय ने मामले में शीघ्र कार्रवाई करते हुए दोबारा जांच कराने और स्कूल प्रबंधन से स्पष्टीकरण लेने का निर्देश दिया। इसके बाद जिला शिक्षा अधीक्षक ने स्कूल प्रबंधन को एक सप्ताह के भीतर सभी संबंधित दस्तावेजों के साथ सशरीर कार्यालय में उपस्थित होने का आदेश जारी किया है।अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि स्कूल प्रबंधन इस बार जांच में सहयोग करता है या नहीं। साथ ही यह भी देखना होगा कि शिक्षक नियुक्ति और सरकारी फंड से जुड़े आरोपों की जांच किस निष्कर्ष तक पहुंचती है।

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