जमशेदपुर: गोलमुरी क्षेत्र स्थित न्यू केबुल टाउन सामुदायिक भवन मैदान में 23 अप्रैल से 1 मई 2026 तक श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ का भव्य आयोजन किया जाएगा। लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति द्वारा आयोजित इस नौ दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान को सनातन संस्कृति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के महापर्व के रूप में देखा जा रहा है।
धर्म और सद्कर्म से जीवन होता है सार्थक
प्रेस वार्ता के दौरान परमश्रद्धेय गुरुदेव श्री श्री 108 जय मंगला बाबा ने यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि धर्म और सद्कर्म ही जीवन को सार्थक और उज्जवल बनाते हैं। उन्होंने कहा कि यज्ञ, पूजा-पाठ और धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और शांति व समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।उन्होंने बताया कि अब तक वे 128 यज्ञों का सफल संचालन कर चुके हैं और श्रद्धालुओं से इस महायज्ञ में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की।
भव्य कलश यात्रा से होगा महायज्ञ का शुभारंभ
आयोजन समिति के मुख्य संयोजक अनिल ठाकुर ने बताया कि 23 अप्रैल को भव्य कलश यात्रा के साथ महायज्ञ का शुभारंभ होगा।यह यात्रा ओल्ड केबुल टाउन स्थित श्री लक्ष्मीनारायण मंदिर (बिरला मंदिर) से प्रारंभ होकर यज्ञ स्थल तक पहुंचेगी। यात्रा में सुल्तानगंज से लाए गए पवित्र उत्तरवाहिनी गंगाजल से भरे कलश के साथ हजारों श्रद्धालु, विशेषकर महिलाएं शामिल होंगी।
भजन-कीर्तन और प्रवचन का होगा आयोजन
महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से रात 8:30 बजे तक भजन, कीर्तन और प्रवचन का आयोजन किया जाएगा।प्रसिद्ध कथावाचक रामचरित्र दास जी महाराज अपने सहयोगियों के साथ संगीतमय कथा, झांकियों और प्रेरणादायी प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और आदर्श जीवन मूल्यों का संदेश देंगे।
पांच कुंडीय यज्ञशाला और 108 देवी-देवताओं की प्रतिमाएं
यज्ञ स्थल पर पांच कुंडीय यज्ञशाला का निर्माण किया गया है, जहां बनारस के आचार्य लाल मोहन शास्त्री अपने 21 सदस्यीय दल के साथ वैदिक अनुष्ठानों का संचालन करेंगे।इसके अलावा आयोजन स्थल को 108 देवी-देवताओं की भव्य प्रतिमाओं से सजाया गया है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मजबूत पंडाल, सुरक्षा व्यवस्था और पार्किंग की समुचित व्यवस्था की गई है।
प्रतिदिन होगा विशाल भंडारा
आयोजन समिति के सदस्य बिट्टू तिवारी ने बताया कि पूरे क्षेत्र को केसरिया ध्वज और आकर्षक विद्युत सज्जा से सजाया गया है।महायज्ञ के दौरान प्रतिदिन विशाल भंडारा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण करेंगे।1 मई को मुख्य यज्ञ, पूर्णाहुति और विशाल महाभंडारा होगा, जबकि 2 मई को रामार्चा पूजा और प्रसाद वितरण के साथ इस दिव्य आयोजन का समापन किया जाएगा।
श्रद्धालुओं से शामिल होने की अपील
लक्ष्मीनारायण महायज्ञ समिति ने शहरवासियों और धर्मप्रेमी श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे इस पावन धार्मिक आयोजन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर धर्मलाभ प्राप्त करें।
