जमशेदपुर में अनोखी दुर्गा प्रतिमा, 108 मुख और 121 हाथों वाले स्वरूप में दिखेंगी मां दुर्गा

जमशेदपुर: परसुडीह स्थित श्री शिव मंदिर परिसर में इस वर्ष दुर्गा पूजा श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बनने जा रही है। पूजा कमेटी की ओर से इस बार मां दुर्गा की 108 मुख और 121 हाथों वाली भव्य प्रतिमा स्थापित करने की तैयारी की जा रही है। आयोजकों का दावा है कि झारखंड में इस तरह के स्वरूप वाली प्रतिमा पहली बार देखने को मिलेगी।अनोखे स्वरूप के कारण प्रतिमा श्रद्धालुओं के बीच आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनने की उम्मीद है। करीब 3.50 लाख रुपये की लागत से तैयार हो रही प्रतिमा का निर्माण पश्चिम बंगाल के कारीगर कर रहे हैं।

108 मुख और 121 हाथों में दिखेगी शक्ति

प्रतिमा में मां दुर्गा के 108 मुख और 121 हाथों को उनकी विभिन्न शक्तियों और स्वरूपों के प्रतीक के रूप में तैयार किया जा रहा है। पूजा आयोजकों के अनुसार, हिंदू धर्म में 108 अंक का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है।मंत्र जाप, पूजा-पाठ और कई धार्मिक परंपराओं में 108 की संख्या का व्यापक रूप से इस्तेमाल होता है। वहीं, 121 हाथों के माध्यम से मां दुर्गा की शक्ति और उनके विभिन्न रूपों को प्रदर्शित करने का प्रयास किया जा रहा है।

गणेश जन्म से पुनर्जीवन तक की कथा होगी प्रस्तुत

दुर्गा पूजा पंडाल में इस बार भगवान गणेश की कथा भी विशेष अंदाज में प्रस्तुत की जाएगी। मॉडल के माध्यम से भगवान गणेश के जन्म से लेकर उनके पुनर्जीवन तक की पूरी कथा को दृश्य रूप में दिखाने की तैयारी है।श्रद्धालु पंडाल में इस धार्मिक प्रसंग को अलग-अलग मॉडल के जरिए देख सकेंगे। पूजा कमेटी का प्रयास है कि धार्मिक कथा के साथ पंडाल आने वाले लोगों को एक आकर्षक दृश्य अनुभव भी मिले।

हर साल कुछ नया करने का प्रयास

पूजा आयोजकों ने बताया कि कमेटी की ओर से हर वर्ष दुर्गा पूजा में कुछ नया और अलग करने का प्रयास किया जाता है। इसी क्रम में इस बार मां दुर्गा के 108 मुख और 121 हाथों वाले स्वरूप को चुना गया है।आयोजकों को उम्मीद है कि अपनी अनूठी बनावट के कारण परसुडीह की यह दुर्गा प्रतिमा इस वर्ष जमशेदपुर समेत आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बनेगी और बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसे देखने पहुंचेंगे।

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