जमशेदपुर। जमशेदपुर समाहरणालय सभागार में उपायुक्त राजीव रंजन की अध्यक्षता में कल्याण विभाग और समेकित जनजातीय विकास अभिकरण की एक महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जनजातीय समुदायों के उत्थान के लिए चलाई जा रही महत्वाकांक्षी ‘पीएम जनमन योजना’ और ‘धरती आबा जनजातीय ग्रामीण उत्कर्ष अभियान’ के तहत संचालित विभिन्न विकास योजनाओं की प्रगति का बारीकी से आकलन किया गया।
पीवीटीजी क्षेत्रों में समय पर काम पूरा करने का अल्टीमेटम
बैठक के दौरान उपायुक्त ने बुनियादी ढांचे से जुड़े विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिया कि जनजातीय बहुल क्षेत्रों और विशेष रूप से संवेदनशील जनजातीय समूहों के लिए संचालित योजनाओं का निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। इसके तहत निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया जिसमें आंगनबाड़ी केंद्रों और बहुद्देशीय भवनों का निर्माण, सड़क संपर्क पथ (कनेक्टिविटी) और छात्रावासों की स्थिति, ग्रामीण आवास और सुरक्षित पेयजल आपूर्ति,विद्युतीकरण, मत्स्य विभाग की लाभुक आधारित योजनाएं और पर्यटन स्थलों का विकास शामिल है।
लाभुकों तक योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुंचाना सुनिश्चित करें – उपायुक्त
उपायुक्त राजीव रंजन ने बैठक में मौजूद अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा कि जनजातीय समुदायों के सामाजिक और आर्थिक उत्थान के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय (कन्वर्जेंस) के साथ कार्य करें, ताकि योजनाओं का लाभ बिना किसी देरी के सीधे और शीघ्र लाभार्थियों तक पहुंच सके।
छात्र कल्याण और रोजगार योजनाओं पर विशेष चर्चा
बैठक में छात्र कल्याण और सामाजिक सुरक्षा से जुड़ी कई महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। प्री-मैट्रिक और पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति तथा साइकिल वितरण योजना की स्थिति,मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना, चिकित्सीय सहायता और बिरसा आवास योजना की प्रगति ,घेराबंदी, सामुदायिक सरना-मसना स्थलों के संरक्षण एवं विकास तथा वनाधिकार पट्टा वितरण की वर्तमान स्थिति पर चर्चा हुई ।
बैठक में ये अधिकारी रहे मौजूद
इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में जिले के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मुख्य रूप से उप विकास आयुक्त नागेंद्र पासवान,जिला कल्याण पदाधिकारी शंकराचार्य सामद उपस्थित थे ।इसके अलावा जिला शिक्षा पदाधिकारी , जिला शिक्षा अधीक्षक , विभिन्न तकनीकी विभागों के कार्यपालक अभियंता और अन्य जिला स्तरीय अधिकारी एवं कर्मी शामिल रहे।
