जमशेदपुर:लौहनगरी जमशेदपुर के बारिडीह स्थित विधायक सरयू राय के आवासीय परिसर में पिछले 25 वर्षों से निरंतर आयोजित हो रही प्रतिष्ठित ‘रामार्चा पूजा’ के समय (तिथि) में इस वर्ष बदलाव कर दिया गया है। जमशेदपुर पश्चिम के विधायक एवं पूर्व मंत्री सरयू राय ने स्वयं सार्वजनिक रूप से इसकी जानकारी दी है, ताकि श्रद्धालुओं, समर्थकों और शुभचिंतकों के बीच किसी प्रकार का भ्रम न रहे।
25 साल से गुरु पूर्णिमा पर होती थी पूजा, अब देवउठान एकादशी पर होगी
विधायक सरयू राय ने बताया कि पिछले 25 वर्षों की परंपरा के अनुसार यह धार्मिक अनुष्ठान हर साल गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर आयोजित किया जाता था। हालांकि, इस वर्ष विशेष धार्मिक कारणों और तिथियों के संयोग को देखते हुए इसमें परिवर्तन किया गया है।वर्ष 2026 में यह भव्य रामार्चा पूजा 21 नवंबर 2026 (शनिवार) को देवउठान एकादशी (देवोत्थान एकादशी) के शुभ अवसर पर आयोजित की जाएगी। विधायक ने अपने सभी शुभचिंतकों, शहरवासियों और श्रद्धालुओं से आग्रह किया है कि वे गुरु पूर्णिमा के बजाय 21 नवंबर 2026 की नई तिथि को ध्यान में रखें।
श्रद्धालुओं और समर्थकों के लिए सार्वजनिक सूचना
सरयू राय ने कहा कि 25 सालों से यह आयोजन उनके परिवार, समर्थकों और पूरे शहर के श्रद्धालुओं के लिए एक बड़े धार्मिक व सामाजिक मिलन समारोह का केंद्र रहा है। विधायक सरयू राय ने अपने सभी स्नेहीजनों, सहयोगियों और सनातन धर्मावलंबियों को 21 नवंबर को आयोजित होने वाली इस पवित्र रामार्चा पूजा में शामिल होकर भगवान श्री राम का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए सादर आमंत्रित किया है।
भ्रम दूर करने के लिए पहले जारी की गई जानकारी
गौरतलब है कि बारिडीह में आयोजित होने वाली रामार्चा पूजा में जमशेदपुर ही नहीं, बल्कि राज्यभर से कई बड़े राजनेता, प्रबुद्ध नागरिक और हजारों की संख्या में श्रद्धालु शिरकत करते हैं। चूकि लोग वर्षों से गुरु पूर्णिमा की तिथि के अनुसार इस पूजा में शामिल होते रहे हैं, इसलिए विधायक सरयू राय ने महीनों पहले ही नई तिथि (21 नवंबर) का ऐलान कर दिया है ताकि किसी भी श्रद्धालु को कोई असुविधा न हो।
