
जमशेदपुर। भाजपा नेता अंकित आनंद ने आदित्यपुर स्थित एक कंपनी पर 30 करोड़ रुपये के बिजली बिल गबन के गंभीर आरोप को लेकर झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के खिलाफ कठोर कार्रवाई और दोहरे मापदंड की नीति समाप्त करने की मांग की है। उन्होंने इस मुद्दे को एक्स (पूर्व में ट्विटर) के माध्यम से जेबीवीएनएल के प्रबंध निदेशक तक पहुंचाया है।
गरीबों पर FIR, तो बड़ी कंपनियों को क्यों संरक्षण?
अंकित आनंद ने अपने संबोधन में बिजली निगम की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब एक आम गरीब उपभोक्ता समय पर बिजली बिल नहीं चुका पाता है, तो उसका कनेक्शन काट दिया जाता है और उस पर एफआईआर दर्ज होती है।उन्होंने आरोप लगाया कि “वहीं, करोड़ों रुपये की गड़बड़ी करने वाली बड़ी कंपनियों पर अधिकारी कार्रवाई से बचते हैं। ऐसी कंपनियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने की बजाय, उनका नाम बदल दिया जाता है और फाइलें दबा दी जाती हैं।”अंकित आनंद ने इस व्यवहार को ‘दोहरे मापदंड की नीति’ बताया और कहा कि इसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
तत्काल जांच और दंडात्मक कार्रवाई की मांग
भाजपा नेता ने जेबीवीएनएल प्रशासन से 30 करोड़ रुपये के गबन के इस गंभीर आरोप की तत्काल जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस मामले में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों और कंपनी के खिलाफ सख्त दंडात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए।आनंद ने जोर देकर कहा कि जनहित के मामलों में पारदर्शिता होनी चाहिए और कानून सबके लिए समान होना चाहिए।
