
जामताड़ा।महिलाओं को स्वरोजगार से जोड़ने और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से झारखंड सरकार लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में रविवार को जामताड़ा जिले के फतेहपुर प्रखंड में एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां विधानसभा अध्यक्ष रविंद्र नाथ महतो ने स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़ी महिलाओं के बीच सिलाई मशीनों का वितरण किया।कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल हुईं। विधानसभा अध्यक्ष ने इस मौके पर उन्हें प्रेरित करते हुए कहा कि महिलाएं समाज की सबसे मजबूत नींव हैं और यदि वे आत्मनिर्भर बनेंगी तो परिवार और समाज दोनों मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं संचालित कर रही है।
“छोटे-छोटे कार्यों के लिए बाहर जाना हमारे लिए चुनौती”
अपने संबोधन में विधानसभा अध्यक्ष ने कहा,“झारखंड आर्थिक रूप से संपन्न प्रदेश है, लेकिन छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी लोगों को राज्य से बाहर जाना पड़ता है। यह हमारे लिए बड़ी चुनौती है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बीते छह वर्षों में कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिनका सही उपयोग किया जाए तो राज्य से गरीबी काफी हद तक समाप्त हो सकती है।”उन्होंने कहा कि झारखंड के लोगों में क्षमता, ऊर्जा और इच्छा की कमी नहीं है — जरूरत है केवल सामूहिक प्रयास और सही दिशा में काम करने की। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि केवल वस्तु वितरण ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि योजनाओं की निरंतर मॉनिटरिंग और स्थानीय स्तर पर सहयोग से ही इनके वास्तविक परिणाम सामने आएंगे।
उपायुक्त रवि आनंद ने महिलाओं को दिया आत्मनिर्भरता का संदेश
इस अवसर पर जामताड़ा उपायुक्त रवि आनंद ने भी महिलाओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि कल्याण विभाग की ओर से दी जा रही सिलाई मशीनें केवल एक संसाधन नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में एक कदम हैं। उन्होंने बताया कि मशीन वितरण से पहले महिलाओं को प्रशिक्षण भी दिया गया है, ताकि वे इससे स्वरोजगार शुरू कर सकें।उपायुक्त ने महिलाओं से अपील की —“आप आत्मनिर्भर बनें, ताकि किसी को जीविकोपार्जन के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े। सरकार की हर योजना का उद्देश्य यही है कि गांव और पंचायत स्तर पर ही लोगों को रोजगार मिले।”
महिलाओं में दिखा उत्साह
कार्यक्रम के दौरान मशीन प्राप्त करने वाली महिलाओं के चेहरों पर उत्साह और गर्व साफ झलक रहा था। कई महिलाओं ने बताया कि अब वे सिलाई के माध्यम से न केवल अपनी जरूरतें पूरी कर सकेंगी, बल्कि अतिरिक्त आय भी अर्जित कर अपने परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारेंगी।
