
जमशेदपुर। सीएसआईआर –नेशनल मेटालर्जिकल लेबोरेटरी (एनएमएल), जमशेदपुर ने स्टील उद्योग के पेशेवरों की तकनीकी क्षमताओं को मजबूत करने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण पहल की है। लेबोरेटरी ने “स्टील इंडस्ट्री के कच्चे माल और मेटालर्जिकल बाय-प्रोडक्ट्स का विश्लेषण” नामक पाँच-दिवसीय कॉर्पोरेट ट्रेनिंग प्रोग्राम का उद्घाटन किया है। यह विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम 15 से 19 दिसंबर 2025 तक सीएसआईआर-एनएमएल कैंपस में आयोजित किया जा रहा है।
बाय-प्रोडक्ट्स के प्रभावी उपयोग पर जोर
इस कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन सीएसआईआर–एनएमएल के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी ने किया।अपने उद्घाटन भाषण में डॉ. घोष चौधरी ने सस्टेनेबिलिटी (धारणीयता) की दिशा में एक मुख्य रास्ते के रूप में स्टील प्लांट से निकलने वाले बाय-प्रोडक्ट्स के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया।उन्होंने स्टील सेक्टर में राष्ट्रीय सस्टेनेबिलिटी लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए निम्नलिखित बातों के महत्व को रेखांकित किया जिसमे ज़ीरो-एमिशन (शून्य उत्सर्जन) की कार्यप्रणाली,सर्कुलर इकोनॉमी (चक्रीय अर्थव्यवस्था) के तरीकों को अपनाना।इन लक्ष्यों को प्राप्त करने में एडवांस्ड मटीरियल कैरेक्टराइजेशन और केमिकल एनालिसिस की महत्वपूर्ण भूमिका।
स्टील इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स को मिला प्रशिक्षण
इस कॉर्पोरेट ट्रेनिंग प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य स्टील इंडस्ट्री के प्रोफेशनल्स की एनालिटिकल और कैरेक्टराइजेशन क्षमताओं को मजबूत करना है। यह प्रशिक्षण उन्हें कच्चे माल और उप-उत्पादों के विश्लेषण में उन्नत तकनीकों का उपयोग करने में सक्षम बनाएगा, जिससे वे उद्योग में गुणवत्ता नियंत्रण और पर्यावरणीय मानकों को बेहतर ढंग से लागू कर सकेंगे।
