
जमशेदपुर: जब पूरा शहर नए साल के जश्न और आतिशबाजी में डूबा था, तब जमशेदपुर न्यायपालिका के शीर्ष अधिकारी कड़कड़ाती ठंड में सड़क किनारे सो रहे बेसहारा लोगों का सहारा बनने निकले। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार पांडेय के निर्देश पर 1 जनवरी की रात जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) द्वारा एक विशेष मानवीय अभियान चलाया गया।
आधी रात को स्टेशन और चौक-चौराहों पर पहुंचे अधिकारी
शीतलहरी और कनकनाती ठंड के बीच सीजेएम विशाल गौरव और डालसा सचिव कुमार शौरव त्रिपाठी रात 10 बजे से लेकर 12 बजे तक शहर की सड़कों पर रहे। अधिकारियों ने जमशेदपुर के विभिन्न प्रमुख चौराहों और रेलवे स्टेशन परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने फुटपाथ पर सो रहे उन 50 से अधिक जरूरतमंदों को अपने हाथों से कंबल ओढ़ाया, जिनके पास ठंड से बचने का कोई साधन नहीं था।
“जिसका कोई नहीं, उसके लिए डालसा है”
कंबल वितरण के दौरान डालसा सचिव कुमार शौरव त्रिपाठी ने एक अत्यंत भावुक और प्रेरणादायक बात कही। उन्होंने कहा जिसका कोई नहीं है, उसके लिए डालसा सदैव खड़ा है। भारत के हर नागरिक को सम्मानपूर्वक जीवन जीने का मौलिक अधिकार है। हमारा उद्देश्य केवल कंबल बांटना नहीं, बल्कि उन लोगों तक पहुंचना है जो समाज की मुख्यधारा से कटे हुए हैं।”
नि:शुल्क कानूनी सहायता का दिया संदेश
अधिकारियों ने जरूरतमंदों को बताया कि डालसा केवल सामाजिक कार्यों तक सीमित नहीं है। यदि कोई भी गरीब या वंचित व्यक्ति कानूनी न्याय से दूर है, तो वह डालसा कार्यालय में संपर्क कर नि:शुल्क कानूनी सहायता प्राप्त कर सकता है। न्याय की चौखट हर उस व्यक्ति के लिए खुली है जो अपनी गरीबी के कारण वकील या कानूनी सलाह नहीं ले पा रहा।
टीम वर्क से सफल हुआ अभियान
इस रात भर चले विशेष अभियान को सफल बनाने में डालसा की पूरी टीम ने सक्रिय भूमिका निभाई। इसमें डालसा के प्रधान सहायक संजय कुमार, रवि मुर्मू और पीएलवी टीम के सदस्य नागेन्द्र कुमार, दिलीप जायसवाल, संजय तिवारी, मनोज महतो, सुनील पांडेय, अरुण रजक और शंकर गोराई शामिल थे।
