
जमशेदपुर:लौहनगरी के एग्रिको स्थित ट्रांसपोर्ट मैदान में आगामी 11 जनवरी को कुशवाहा समाज की एकता और सांस्कृतिक विरासत का भव्य नजारा देखने को मिलेगा। कुशवाहा संघ, जमशेदपुर की ओर से आयोजित होने वाले इस वार्षिक वनभोज-सह-पारिवारिक मिलन एवं सम्मान समारोह की तैयारियां जोरों पर हैं। इस आयोजन को लेकर पूरे शहर और आसपास के क्षेत्रों में समाज के लोगों के बीच भारी उत्साह है।
चार राज्यों के प्रतिनिधि होंगे शामिल: 6000 लोगों के जुटने की उम्मीद
यह आयोजन केवल जमशेदपुर तक सीमित नहीं रहेगा। आयोजकों के अनुसार, इसमें झारखंड के विभिन्न जिलों के अलावा पश्चिम बंगाल, बिहार और उड़ीसा से भी कुशवाहा समाज के लोग बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। अनुमान है कि इस महामिलन में 5000 से 6000 लोग एक साथ जुटेंगे, जो सामाजिक एकजुटता का संदेश देंगे।
प्रतिभाओं का होगा सम्मान
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘सम्मान समारोह’ होगा। इसके तहत शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। सामाजिक कार्य या अन्य क्षेत्रों में समाज का नाम रोशन करने वाले व्यक्तियों को सम्मानित किया जाएगा। संघ का उद्देश्य इन युवाओं को मंच प्रदान करना है ताकि समाज के अन्य बच्चे भी उनसे प्रेरणा लेकर आगे बढ़ सकें।
रिश्तों की नींव और सामाजिक मेल-मिलाप
यह समारोह केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका एक गहरा सामाजिक उद्देश्य भी है। यह आयोजन समाज के भीतर आपसी परिचय बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। यहां अभिभावकों को शादी-ब्याह के लिए आपसी संपर्क और चर्चा करने का अवसर मिलेगा, जिससे समाज के पारिवारिक संबंध और अधिक सुदृढ़ होंगे। समाज के प्रतिनिधि एक साथ बैठकर अपनी समस्याओं और सुझावों को साझा करेंगे ताकि समाज के उत्थान के लिए सामूहिक निर्णय लिए जा सकें।
सांस्कृतिक रंग और मनोरंजन की छटा
पूरे दिन चलने वाले इस कार्यक्रम में स्थानीय कलाकारों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियों की झड़ी लगी रहेगी। साथ ही, बच्चों और बड़ों के लिए विभिन्न खेल-कूद और मनोरंजन की विशेष व्यवस्था की गई है। जायकेदार व्यंजनों के साथ वनभोज का आनंद लेते हुए समाज के लोग अपनी जड़ों से जुड़ेंगे।
कुशवाहा संघ की अपील
संघ के पदाधिकारियों ने सभी कुशवाहा बंधुओं से सपरिवार इस समारोह में शामिल होने का आग्रह किया है। संघ ने कहा है कि यह आयोजन समाज की एकता और प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। समाज के विकास के लिए हर व्यक्ति का स्वैच्छिक सहयोग और सुझाव अपेक्षित है।
