
जमशेदपुर: झारखंड आंदोलन के प्रणेता ढिशुम गुरु शिबू सोरेन और झारखंड के क्रांतिकारी नेता शहीद सुनील महतो की जयंती के अवसर पर आज लौहनगरी में सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और ‘ढिशुम गुरु जी के सपने फाउंडेशन’ के संयुक्त तत्वावधान में बर्मा माइंस क्लब हाउस में एक विशाल स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया।
महान विभूतियों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि
कार्यक्रम का शुभारंभ दोनों महान नेताओं के चित्रों पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया गया। इस दौरान उपस्थित पार्टी नेताओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने झारखंड राज्य निर्माण में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया। वक्ताओं ने कहा कि शिबू सोरेन और सुनील महतो ने न केवल झारखंड की अलग पहचान के लिए लड़ाई लड़ी, बल्कि आदिवासी अस्मिता और सामाजिक न्याय के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनके विचार आज भी हर झारखंडी युवा के लिए प्रेरणापुंज हैं।
‘रक्तदान महादान’: युवाओं और महिलाओं की सक्रिय भागीदारी
समाजसेवा के संकल्प के साथ आयोजित इस शिविर में सुबह से ही रक्तदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं।आयोजकों ने इस विशेष अवसर पर 300 यूनिट रक्त संग्रह करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है।शिविर में झामुमो कार्यकर्ताओं के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाओं और पहली बार रक्तदान करने वाले युवाओं ने भी हिस्सा लिया।
“मानवता की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म” – महावीर मुर्मू
झामुमो नेता महावीर मुर्मू ने इस मौके पर रक्तदाताओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा रक्तदान महादान है। ऐसे कार्यक्रमों के माध्यम से हम न केवल अपने महापुरुषों को याद करते हैं, बल्कि समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारी भी निभाते हैं। एक यूनिट रक्त किसी के उजड़ते हुए घर को बचा सकता है। यह शिविर समाज में आपसी सहयोग और एकजुटता की भावना को मजबूत करता है।
सफल आयोजन में टीम वर्क की भूमिका
शिविर को सफल बनाने में स्थानीय कार्यकर्ताओं, स्वास्थ्यकर्मियों और फाउंडेशन के स्वयंसेवकों का सराहनीय योगदान रहा। क्लब हाउस परिसर में व्यवस्थाओं को इस तरह बनाया गया था कि रक्तदाताओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।इस अवसर पर झामुमो के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, ढिशुम गुरु जी के सपने फाउंडेशन के सदस्य और बड़ी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में इस आयोजन को मानवता के हित में एक बड़ी पहल बताया।
