
जमशेदपुर।केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना का नाम परिवर्तित किए जाने के फैसले के खिलाफ जिला कांग्रेस कमिटी ने मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को बिष्टुपुर स्थित तिलक पुस्तकालय (जिला कांग्रेस कार्यालय) में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें पार्टी ने स्पष्ट कर दिया कि वे इस ‘ऐतिहासिक योजना’ की पहचान मिटाने की कोशिशों को बर्दाश्त नहीं करेंगे।
चरणबद्ध आंदोलन की रणनीति तैयार
बैठक के दौरान कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों ने एक स्वर में सरकार के इस कदम की आलोचना की। पार्टी ने घोषणा की है कि यह विरोध केवल बयानों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसे एक व्यापक जन आंदोलन बनाया जाएगा। नेताओं ने कहा कि यदि सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है, तो कांग्रेस कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर चक्का जाम करने से भी पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलन की शुरुआत रविवार से की जा रही है।
रविवार को ‘एक दिवसीय उपवास सह धरना’
रणनीति के तहत कल, यानी रविवार को जमशेदपुर के साकची स्थित बाबासाहेब भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा स्थल पर कांग्रेस कार्यकर्ता जुटेंगे।यहाँ एक दिवसीय ‘उपवास सह धरना’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।संविधान निर्माता की प्रतिमा के नीचे बैठकर कांग्रेस यह संदेश देना चाहती है कि वह गरीबों और पिछड़ों के हक की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
मजदूरों की आजीविका पर प्रहार
बैठक को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मनरेगा केवल एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के गरीबों और मजदूरों की आजीविका का सुरक्षा कवच है।योजना का नाम बदलना सीधे तौर पर जनता की भावनाओं और उनके अधिकारों के साथ खिलवाड़ है। यह सरकार की उस मानसिकता को दर्शाता है जो पूर्ववर्ती सरकारों द्वारा जनहित में किए गए कार्यों का श्रेय लेने या उनकी पहचान मिटाने की कोशिश करती है।
क्या है पूरा मामला?
गौरतलब है कि मनरेगा योजना का नाम बदलने की चर्चा के बाद से ही कांग्रेस इसे एक बड़ा मुद्दा बना रही है। जमशेदपुर में जिला स्तर पर हो रही यह बैठक इसी विरोध को धार देने की एक कड़ी है। बैठक में जिले के तमाम प्रखंड अध्यक्षों और अनुषंगी इकाइयों के प्रभारियों को भी सक्रिय रहने के निर्देश दिए गए हैं।
