
जमशेदपुर: राष्ट्रीय युवा दिवस के अवसर पर साकची स्थित ‘इन्स्टीट्यूट ऑफ सेफ्टी प्रोफेशनल’ के तत्वावधान में युवाओं को आपदा प्रबंधन और प्राथमिक चिकित्सा के आधुनिक गुर सिखाए गए। साकची के सुभाष मैदान में आयोजित इस विशेष सत्र में टीम पीएसएफ के विशेषज्ञों ने लाइव डेमो प्रेजेंटेशन के जरिए विद्यार्थियों को आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए तैयार किया।
‘गोल्डन आवर’ और सीपीआर: मौत को मात देने की तकनीक
प्रशिक्षण का मुख्य आकर्षण सीपीआर का लाइव डेमो रहा। विशेषज्ञों ने बताया कि किसी हादसे या दिल का दौरा पड़ने की स्थिति में शुरुआती ‘गोल्डन आवर’ (शुरुआती एक घंटा) सबसे महत्वपूर्ण होता है।छात्रों को सिखाया गया कि कैसे अस्पताल पहुंचने से पहले सही तकनीक से किसी घायल को पुनर्जीवन देकर उसकी जान बचाई जा सकती है।सुभाष मैदान में छात्रों ने स्ट्रेचर ड्रील और एम्बुलेंस लोडिंग की आधुनिक पद्धतियों का अभ्यास किया, ताकि किसी भी आपदा के समय घायलों को सुरक्षित और त्वरित तरीके से शिफ्ट किया जा सके।
3 महीने का निरंतर प्रशिक्षण कार्यक्रम
इन्स्टीट्यूट ऑफ सेफ्टी प्रोफेशनल द्वारा आयोजित होने वाले तीन महीने के सुरक्षा प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत यह आठ दिवसीय विशेष ‘फास्ट एड एवं डिजास्टर मैनेजमेंट एमरजेंसी प्रिपेयरेडनेस ट्रेनिंग’ प्रदान की जाती है।इस प्रशिक्षण की गुणवत्ता का आलम यह है कि इसमें केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि भारतवर्ष के कोने-कोने से विद्यार्थी भाग लेने जमशेदपुर पहुंचते हैं।प्रशिक्षणार्थियों ने एक स्वर में कहा कि यह ट्रेनिंग न केवल पेशेवर करियर बल्कि दैनिक जीवन के लिए भी अत्यंत उपयोगी है। प्रैक्टिकल प्रेजेंटेशन ने जटिल विषयों को सरल बना दिया।
विशेषज्ञों की रही मौजूदगी
इस उच्च स्तरीय ट्रेनिंग प्रोग्राम को सफल बनाने में विशेषज्ञों की टीम का अहम योगदान रहा। प्रशिक्षण के दौरान मुख्य रूप से अरिजीत सरकार, मोहम्मद दानिश, उत्तम कुमार गोराई और दीप सेन उपस्थित रहे। उन्होंने छात्रों के सवालों का जवाब दिया और बारीकियों से अवगत कराया।
राष्ट्रीय युवा दिवस पर संदेश
संस्थान के पदाधिकारियों ने कहा कि स्वामी विवेकानंद की जयंती पर युवाओं को ‘सशक्त और जागरूक’ बनाने के उद्देश्य से इस लाइव डेमो का आयोजन किया गया। एक जागरूक युवा ही समाज और राष्ट्र की आपदाओं के समय सुरक्षा कवच बन सकता है।
