
जमशेदपुर।झारखंड राज्य अराजपत्रित कर्मचारी महासंघ का दो दिवसीय 8वां राज्य प्रतिनिधि सम्मेलन रविवार को विरसा मुंडा टाउनहॉल, सिदगोड़ा (जमशेदपुर) में सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। सम्मेलन के अंतिम सत्र में अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय पदाधिकारियों की देखरेख में नई राज्य कमेटी का गठन किया गया।
सर्वसम्मति से नई राज्य कमेटी का चुनाव
चुनाव प्रक्रिया राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा, राष्ट्रीय महासचिव ए. श्री कुमार और राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष शशिकांत राय की मौजूदगी में संपन्न हुई। सर्वसम्मति से रविन्द्र नाथ ठाकुर को राज्य अध्यक्ष,बीरेंद्र कुमार यादव को प्रदेश महामंत्री तथा जसीम अख्तर को कोषाध्यक्ष चुना गया।इसके अतिरिक्त नवीन कुमार को वरिष्ठ उपाध्यक्ष,रामाधार शर्मा को मुख्य संरक्षक,राजेश दुबे को सम्मानित अध्यक्ष,रंजय कुमार सिंह को कार्यकारी अध्यक्ष,अशोक कुमार दास को संघर्ष अध्यक्ष बनाया गया।वहीं शैलेन्द्र तिवारी, सत्येंद्र शर्मा, मोजाहिदुल और अविनाश मिश्रा को सहायक महामंत्री,निरुलता को महिला उप-समिति संयोजिका तथा सुनीता पुर्ति को सह संयोजिका चुना गया।इसके अलावा संगठनात्मक विस्तार के तहत 20 राज्य उपाध्यक्ष,12 संयुक्त मंत्री,5 प्रमंडलीय मंत्री,8 संघर्ष उपाध्यक्ष,6 संघर्ष संयुक्त मंत्री और 13 राज्य कार्यकारिणी सदस्यों का भी चुनाव किया गया।
नव निर्वाचित पदाधिकारियों को दिलाई गई शपथ
सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष सुभाष लांबा ने सभी नव निर्वाचित पदाधिकारियों को उनके पद और दायित्वों की शपथ दिलाई और संगठन को मजबूत करने की अपील की।
सांगठनिक रिपोर्ट पर हुई व्यापक चर्चा
चुनाव से पूर्व प्रस्तुत सांगठनिक रिपोर्ट पर प्रतिनिधियों के बीच व्यापक बहस हुई। रिपोर्ट में उठाए गए सवालों का जवाब महासंघ के राज्य अध्यक्ष रविन्द्र नाथ ठाकुर ने दिया। इसके बाद कुछ संशोधनों और सुझावों के साथ रिपोर्ट को पारित किया गया।
कर्मचारियों की मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी
नव निर्वाचित प्रदेश महामंत्री बीरेंद्र कुमार यादव ने कहा कि सम्मेलन में उठाई गई कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं से संबंधित मांग पत्र सरकार को सौंपा जाएगा। मांगों के समाधान के लिए राज्यव्यापी आंदोलन चलाया जाएगा।उन्होंने कहा कि राज्य के सभी विभागों के आउटसोर्स, संविदा, अनियमित, नियमित, चतुर्थ श्रेणी, तृतीय श्रेणी और वर्ग-2 के अराजपत्रित कर्मचारियों की सभी जायज मांगों की पूर्ति के लिए प्रखंड से लेकर जिला, विभागीय मुख्यालय, राज्य मुख्यालय और ऑल इंडिया स्तर तक पूरी ताकत के साथ संघर्ष किया जाएगा।उन्होंने यह भी कहा कि नई प्रदेश कमेटी सभी संबद्ध संघों के साथ समन्वय बनाकर एकजुटता और समर्पण के साथ कर्मचारी हित में कार्य करेगी।
राष्ट्रीय सम्मेलन और आंदोलन की घोषणा
सम्मेलन को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय राज्य सरकारी कर्मचारी महासंघ के राष्ट्रीय महासचिव ए. श्री कुमार ने बताया कि ऑल इंडिया स्टेट गवर्नमेंट एम्प्लॉय फेडरेशन का राष्ट्रीय सम्मेलन 23 से 26 जनवरी 2026 तक शिरडी (महाराष्ट्र) में आयोजित किया जाएगा। इस सम्मेलन में केंद्र सरकार द्वारा कर्मचारियों की मांगों की अनदेखी,सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण,सरकारी विभागों के आकार को सीमित करने जैसी नीतियों पर चर्चा की जाएगी और राष्ट्रव्यापी आंदोलन का निर्णय लिया जाएगा।
सरकार की नीतियों पर तीखा हमला
राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि सरकार पीएफआरडीए एक्ट को रद्द कर पुरानी पेंशन व्यवस्था लागू करने की बजाय ओपीएस में छेड़छाड़ का प्रयास कर रही है। नव उदारवादी आर्थिक नीतियों के कारण देश में आर्थिक असमानता, बेरोजगारी, महंगाई और भूखमरी बढ़ रही है।उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ बड़े पूंजीपतियों के लाखों करोड़ के कर्ज और टैक्स माफ किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर आम जनता पर टैक्सों का बोझ बढ़ाया जा रहा है।
12 फरवरी को राष्ट्रीय आम हड़ताल
राष्ट्रीय महासचिव ने ऐलान किया कि सरकार की जन और मजदूर विरोधी नीतियों के खिलाफ 12 फरवरी को राष्ट्रीय आम हड़ताल की जाएगी, जिसमें 30 करोड़ से अधिक कर्मचारी और मजदूर भाग लेंगे।
