
जमशेदपुर: दिल्ली पुलिस ने रांची एटीएस के सहयोग से जमशेदपुर के विभिन्न इलाकों में सघन छापेमारी कर तीन युवकों को हिरासत में लिया है। यह पूरी कार्रवाई दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार एक संदिग्ध युवक की निशानदेही पर की गई है, जिस पर दो अलग-अलग पासपोर्ट के जरिए अफगानिस्तान और कई अरब देशों की यात्रा करने का गंभीर आरोप है।
दिल्ली एयरपोर्ट से खुला ‘फर्जी पासपोर्ट’ का राज
मामले की शुरुआत दिल्ली एयरपोर्ट से हुई, जहाँ गोलमुरी (जमशेदपुर) निवासी एक युवक को पकड़ा गया।युवक ने जांच के दौरान पहले अफगानिस्तान का पासपोर्ट दिखाया। संदेह होने पर जब सख्ती बरती गई, तो उसने भारत में बना पासपोर्ट भी पेश किया।जांच में पता चला कि वह पिछले कुछ महीनों में अफगानिस्तान सहित कई खाड़ी देशों की यात्रा कर लौटा है। भारत और अफगानिस्तान, दोनों देशों के पासपोर्ट रखने के कारण मामला सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर आ गया।
जमशेदपुर के इन इलाकों में हुई छापेमारी
गिरफ्तार युवक की निशानदेही पर दिल्ली पुलिस की टीम रांची एटीएस के साथ सोमवार को जमशेदपुर के साकची, गोलमुरी, टुइलाडुंगरी और कपाली इलाकों में पहुंची।गोलमुरी के टुइलाडुंगरी और मुस्लिम बस्ती के बीच स्थित एक किराए के मकान में दबिश दी गई। मौके से अब्दुल गनी समेत तीन अन्य युवकों को हिरासत में लिया गया। ये सभी पिछले कुछ महीनों से उक्त मकान में किराए पर रह रहे थे।
अफगानी दस्तावेज बरामद, देर रात तक पूछताछ
तलाशी के दौरान संदिग्धों के कमरे से कुछ अफगानी दस्तावेज बरामद किए गए हैं, जो मामले की संवेदनशीलता को और बढ़ाते हैं।हिरासत में लिए गए तीनों युवकों को गोलमुरी थाना लाकर घंटों गहन पूछताछ की गई।देर रात दिल्ली पुलिस ने तीनों को नोटिस थमाते हुए फिलहाल छोड़ दिया है और उनसे लिखित जवाब तलब किया है।दिल्ली से गिरफ्तार मुख्य आरोपी को पुलिस किसी सुरक्षित स्थान पर ले गई है, जहाँ उससे केंद्रीय एजेंसियां पूछताछ कर सकती हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की बढ़ी चिंता
पुलिस को आशंका है कि फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पासपोर्ट बनवाने और अफगानिस्तान जैसे संवेदनशील देशों की यात्रा करने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। जांच एजेंसियां अब उन लोगों की तलाश कर रही हैं जिन्होंने इन संदिग्धों को जमशेदपुर में शरण दी या दस्तावेज बनवाने में मदद की।इस छापेमारी के बाद शहर के कई अन्य संदिग्ध ठिकानों पर भी सुरक्षा एजेंसियों की पैनी नजर है।
