
जमशेदपुर : स्टील सिटी की सड़कें रविवार सुबह आम दिनों से बिल्कुल जुदा नजर आईं। मौका था टाटा स्टील द्वारा आयोजित बहुप्रतीक्षित “जैम एट स्ट्रीट)”का विंटर फेस्ट के हिस्से के रूप में आयोजित इस कार्यक्रम ने एक बार फिर जमशेदपुर वासियों को घरों से बाहर निकलकर सड़कों पर जश्न मनाने का मौका दिया। क्या बच्चे, क्या युवा और क्या बुजुर्ग—हर कोई रविवार की सुहानी सुबह मस्ती और उमंग के सागर में गोते लगाता नजर आया।
सड़कों पर दिखा ‘मिनी इंडिया’ का नजारा
रविवार को जैम एट स्ट्रीट के लिए निर्धारित सड़कों को आम वाहनों के लिए पूरी तरह बंद कर दिया गया था। देखते ही देखते सड़कें एक विशाल खुले मंच में तब्दील हो गईं। यहाँ की गतिविधियों ने हर आयु वर्ग के लोगों को बांधे रखा। कहीं गिटार की धुनों पर युवा झूम रहे थे, तो कहीं जुम्बा और हिप-हॉप डांस के स्टेप्स पर पसीना बहा रहे थे। स्केटिंग और साइक्लिंग करने वाले युवाओं की टोली ने सबका ध्यान आकर्षित किया। बच्चों के लिए विशेष खेल, आर्ट कॉर्नर और क्रिएटिव एक्टिविटी जोन बनाए गए थे, जहाँ उन्होंने जमकर मस्ती की। वरिष्ठ नागरिकों ने भी इस आयोजन में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कई बुजुर्ग समूह में योग करते, मॉर्निंग वॉक का आनंद लेते और पुराने गीतों पर थिरकते नजर आए।
प्रतिभा दिखाने का मिला खुला मंच
टाटा स्टील के सौजन्य से आयोजित इस कार्यक्रम का मूल उद्देश्य शहरवासियों को एक ऐसा साझा मंच देना है, जहाँ वे अपनी छिपी हुई प्रतिभा को प्रदर्शित कर सकें। रविवार को कई स्थानीय कलाकारों, पेंटर्स और डिजाइनर्स ने अपनी कला के जरिए शहरवासियों की खूब वाहवाही बटोरी। यह आयोजन केवल मनोरंजन ही नहीं, बल्कि सामुदायिक मेल-मिलाप और ‘हेल्दी लाइफस्टाइल’ (स्वस्थ जीवनशैली) को बढ़ावा देने का जरिया भी बना।
सुरक्षा और चाक-चौबंद व्यवस्था
हजारों की भीड़ के बावजूद आयोजन स्थल पर सुरक्षा और स्वच्छता का विशेष ख्याल रखा गया था। टाटा स्टील के वालंटियर्स और सुरक्षाकर्मी हर मोड़ पर तैनात थे, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के विंटर फेस्ट का आनंद ले सकें। प्राथमिक चिकित्सा और पेयजल की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।
औद्योगिक नगरी की सांस्कृतिक पहचान
जैम एट स्ट्रीट ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि जमशेदपुर केवल एक औद्योगिक केंद्र ही नहीं है, बल्कि यह शहर सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों के मामले में भी अग्रणी है। शहरवासियों के बीच इस आयोजन की लोकप्रियता का आलम यह था कि कार्यक्रम खत्म होने के समय तक लोग सड़कों पर डटे रहे और सेल्फी के जरिए इन खूबसूरत पलों को कैद करते रहे।
