
रांची: झारखंड में कानून-व्यवस्था और हाल की बड़ी आपराधिक वारदातों को लेकर झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाड़ंगी ने सोमवार को झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा से मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय मुलाकात के दौरान कुणाल षाड़ंगी ने जमशेदपुर के व्यवसायी पुत्र कैरव गांधी के अपहरण और गालूडीह के तारापदो महतो हत्याकांड को लेकर पुलिस की कार्रवाई में तेजी लाने का आग्रह किया।
कैरव गांधी की सकुशल वापसी सर्वोच्च प्राथमिकता
मुलाकात के दौरान कुणाल षाड़ंगी ने डीजीपी को अवगत कराया कि जमशेदपुर के प्रतिष्ठित व्यवसायी देवांग गांधी के पुत्र कैरव गांधी के लापता होने से शहर के व्यापारियों और आम जनता में गहरा डर है। उन्होंने आग्रह किया कि झारखंड पुलिस सभी संसाधनों का उपयोग कर कैरव गांधी की सकुशल घर वापसी सुनिश्चित करे।
तारापदो महतो हत्याकांड: “दोषी किसी भी सूरत में न बचें”
कुणाल षाड़ंगी ने गालूडीह के पुतड़ू गाँव निवासी तारापदो महतो की नृशंस हत्या का मामला भी डीजीपी के समक्ष प्रमुखता से उठाया। उन्होंने मांग की कि इस हत्याकांड में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से शामिल सभी अभियुक्तों की जल्द से जल्द गिरफ्तारी हो, ताकि पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
डीजीपी का आश्वासन: “सही दिशा में बढ़ रही है जांच”
झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कुणाल षाड़ंगी को आश्वस्त किया कि पुलिस विभाग इन दोनों मामलों को पूरी गंभीरता से ले रहा है। डीजीपी ने जांच की प्रगति साझा करते हुए बताया कैरव गांधी मामले में पुलिस की विशेष टीमें और तकनीकी सेल हर बिंदु पर गहनता से काम कर रही हैं। पुलिस के सभी विभाग और खुफिया तंत्र सक्रिय हैं और जांच सही दिशा में आगे बढ़ रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि कैरव गांधी जल्द ही सकुशल अपने परिजनों के पास होंगे और तारापदो महतो के हत्यारे भी सलाखों के पीछे होंगे।
समाज में विश्वास बहाली की कोशिश
कुणाल षाड़ंगी ने कहा कि राज्य सरकार और पुलिस का मुख्य उद्देश्य जनता को सुरक्षा का अहसास कराना है। उन्होंने उम्मीद जताई कि डीजीपी के हस्तक्षेप के बाद जमशेदपुर और आसपास के क्षेत्रों में पुलिसिया कार्रवाई में और तेजी आएगी।
