
जमशेदपुर: घरों, अस्पतालों, कंपनियों और व्यावसायिक संस्थानों की चमक बनाए रखने वाले हाउसकीपिंग मजदूर अब अपनी आवाज बुलंद करेंगे। मंगलवार को जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित जुस्को यूनियन कार्यालय में इंटक महिला इकाई द्वारा आयोजित एक महत्वपूर्ण कार्यशाला में इन असंगठित मजदूरों को ‘सम्मान, सुरक्षा और अधिकार’ दिलाने का संकल्प लिया गया।
व्यवस्था की ‘रीढ़’ पर उपेक्षित हैं मजदूर
कार्यशाला की अध्यक्षता करते हुए इंटक के प्रदेश अध्यक्ष राकेशेश्वर पांडे ने कहा कि हाउसकीपिंग जैसे कार्यों में लगे मजदूर पूरी व्यवस्था की रीढ़ हैं। अस्पतालों से लेकर बड़ी कंपनियों तक की स्वच्छता और संचालन इनके बिना मुमकिन नहीं है, लेकिन विडंबना यह है कि इन्हें आज भी न तो रोजगार का स्थायित्व प्राप्त है और न ही वह सामाजिक सम्मान जो एक श्रमिक का अधिकार है।
नई यूनियन का होगा गठन: शिखा चौधरी
इंटक महिला मोर्चा की राष्ट्रीय सचिव शिखा चौधरी, जिन्होंने कार्यक्रम का संचालन किया, ने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि असंगठित क्षेत्र के इन मजदूरों को संगठित किए बिना उनके अधिकारों की रक्षा संभव नहीं है। कार्यशाला में यह निर्णय लिया गया कि जल्द ही हाउसकीपिंग और असंगठित क्षेत्र के मजदूरों के लिए एक अलग और सशक्त यूनियन बनाई जाएगी। यह यूनियन विशेष रूप से महिलाओं और संविदा पर कार्यरत मजदूरों की समस्याओं, उनके कानूनी अधिकारों और बुनियादी सुविधाओं के लिए काम करेगी।
‘सड़क से नीति-निर्माण तक’ जारी रहेगा संघर्ष
राकेशेश्वर पांडे ने जोर देकर कहा कि इंटक केवल भाषणों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि इन मजदूरों के हक की लड़ाई सड़क से लेकर नीति-निर्माण तक लड़ेगी। उन्होंने कहा कि असंगठित श्रमिकों को न्यूनतम मजदूरी, बीमा और कार्यस्थल पर सुरक्षा दिलाना संगठन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
मजदूरों ने साझा किया अपना दर्द
कार्यशाला के दौरान विभिन्न संस्थानों से आए मजदूर प्रतिनिधियों ने अपनी व्यथा सुनाई। उन्होंने बताया कि किस तरह कम वेतन, लंबी ड्यूटी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव में वे काम करने को मजबूर हैं। नई यूनियन बनाने की पहल पर इन कामगारों ने खुशी जाहिर की और इसे अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर एक बड़ा कदम बताया।
