
जमशेदपुर: पूर्वी सिंहभूम जिले के जनवितरण प्रणाली दुकानदार इन दिनों दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर समय पर राशन न मिलने से उन्हें जनता के आक्रोश का सामना करना पड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर महीनों से बकाया कमीशन के भुगतान न होने से उनकी आर्थिक स्थिति बदहाल हो गई है। इन्ही मुद्दों को लेकर मंगलवार को फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने समाहरणालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और उपायुक्त को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।
जनवरी का राशन अब तक नहीं पहुंचा, लाभुक परेशान
एसोसिएशन का आरोप है कि भारतीय खाद्य निगम द्वारा समय पर राज्य खाद्य निगम के गोदामों में राशन नहीं पहुंचाया जा रहा है। आलम यह है कि जनवरी 2026 का खाद्यान्न अब तक जिले के कई प्रखंडों की दुकानों तक नहीं पहुंचा है। डीलरों ने बताया कि राशन की आपूर्ति बाधित होने से लाभुकों को त्योहारों के समय खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिससे डीलरों और जनता के बीच टकराव की स्थिति पैदा हो रही है।
सरायकेला से उठाव बना जी का जंजाल
डीलरों ने आपूर्ति व्यवस्था में बदलाव पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा पहले बर्मामाइंस और चाकुलिया एफसीआई से राशन का उठाव होता था, जो सुविधाजनक था।वर्तमान में राशन का उठाव सरायकेला-खरसावां एफसीआई से किया जा रहा है।दूरी बढ़ने और परिवहन की अव्यवस्था के कारण पूर्वी सिंहभूम जिले की राशन आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
कमीशन के नाम पर केवल ‘इंतजार’
एसोसिएशन ने बकाया कमीशन के आंकड़े पेश करते हुए प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
NFSA कमीशन: अगस्त 2025 से अक्टूबर 2025 तक का कमीशन लंबित है। साथ ही दिसंबर 2024 से मार्च 2025 तक का पुराना बकाया भी नहीं मिला है।
ग्रीन कार्ड कमीशन: दिसंबर 2023 से दिसंबर 2025 के बीच केवल 11 माह का भुगतान हुआ है, जबकि 14 माह का कमीशन अभी भी बकाया है। डीलरों का कहना है कि बिना कमीशन के दुकान चलाना और परिवार का भरण-पोषण करना अब उनके लिए नामुमकिन होता जा रहा है।
प्रशासन से प्रमुख मांगें
फेयर प्राइस शॉप डीलर्स एसोसिएशन ने जिला प्रशासन से तीन मुख्य मांगें की हैं जिसमे FCI से SFC गोदामों तक राशन की समयबद्ध आपूर्ति सुनिश्चित की जाएजनवरी 2026 का लंबित खाद्यान्न तुरंत दुकानों तक पहुंचाया जाए।सभी लंबित कमीशन (NFSA और ग्रीन कार्ड) का अविलंब एकमुश्त भुगतान हो।
“समाधान नहीं हुआ तो ठप करेंगे वितरण”
प्रदर्शन के दौरान डीलरों ने दो टूक चेतावनी दी कि यदि जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग ने जल्द ही उनकी जायज मांगों का समाधान नहीं किया, तो वे जिले भर में राशन वितरण ठप कर अनिश्चितकालीन आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
