
जमशेदपुर :शहर की जल उपचार बुनियादी संरचना को आधुनिक बनाने की दिशा में टाटा स्टील यूआईएसएल (पूर्व में जुस्को) ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। साकची वॉटर वर्क्स में नवनिर्मित क्लोरीन डाइऑक्साइड प्लांट का मंगलवार को सफलतापूर्वक उद्घाटन किया गया। यह नई प्रणाली न केवल पानी के शुद्धिकरण को बेहतर बनाएगी, बल्कि संचालन के दौरान होने वाले जोखिमों को भी पूरी तरह खत्म कर देगी।
तकनीकी विकास का नया अध्याय
इस अत्याधुनिक सुविधा का उद्घाटन टाटा स्टील के उपाध्यक्ष (कॉर्पोरेट सर्विसेज़) डी. बी. सुंदर रामम द्वारा किया गया। उद्घाटन समारोह के दौरान उन्होंने इस पहल को शहर के सार्वजनिक स्वास्थ्य के लिए एक सुरक्षा कवच बताया।
पारंपरिक प्रणाली से क्यों बेहतर है नई तकनीक?
साकची वॉटर वर्क्स में स्थापित यह नया प्लांट पारंपरिक जल शोधन प्रणालियों की तुलना में कई मायनों में उन्नत है। पारंपरिक क्लोरीन गैस के संचालन में गैस रिसाव जैसे जोखिम बने रहते थे। नई तकनीक इन जोखिमों को पूरी तरह समाप्त कर सुरक्षा मानकों को वैश्विक स्तर पर ले जाती है।क्लोरीन डाइऑक्साइड पारंपरिक क्लोरीन की तुलना में पानी में मौजूद बैक्टीरिया और हानिकारक सूक्ष्मजीवों को खत्म करने में अधिक प्रभावी है।इस तकनीक के अपनाने से ‘क्वालिटी एश्योरेंस’ फ्रेमवर्क और मजबूत हुआ है, जिससे जमशेदपुर के नागरिकों को निरंतर सुरक्षित और पीने योग्य जल की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
सार्वजनिक स्वास्थ्य और पर्यावरण के प्रति प्रतिबद्धता
टाटा स्टील यूआईएसएल के प्रबंध निदेशक अ. के. भटनागर ने कहा कि यह पहल संचालन उत्कृष्टता बनाए रखने और पर्यावरणीय जिम्मेदारी निभाने की हमारी निरंतर कोशिशों का हिस्सा है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सुरक्षित तकनीकों का उपयोग करना कंपनी की प्राथमिकता है।रघुनाथ पांडे ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि नई तकनीक से न केवल नागरिकों को लाभ होगा, बल्कि कार्यस्थल पर कर्मचारियों की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
