
जमशेदपुर : लौहनगरी जमशेदपुर में ट्रेलर ड्राइवरों के मानदेय को लेकर चल रहा विवाद अब खूनी संघर्ष में तब्दील हो गया है। बुधवार से प्रस्तावित 7000 लोकल वाहन ड्राइवरों की चक्का जाम हड़ताल के बीच लोकल ट्रेलर ओनर यूनियन के अध्यक्ष जयकिशोर सिंह पर दोबारा जानलेवा हमला हुआ है। बीच सड़क पर बेरहमी से पिटाई का यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
24 घंटे के भीतर दूसरा हमला
बता दें कि जयकिशोर सिंह पर हमले का सिलसिला मंगलवार रात से ही शुरू हो गया था। मंगलवार रात बर्मामाइंस स्थित यूनियन कार्यालय के पास करीब 20 हमलावरों ने उन पर हमला किया, जिसके बाद उन्हें एमजीएम अस्पताल में भर्ती कराया गया था।बुधवार को घायल होने के बावजूद जयकिशोर सिंह जब हड़ताल को सफल बनाने धरना स्थल पर पहुंचे, तो वहां मौजूद ‘तथाकथित गुंडा पार्टी’ ने उन पर दोबारा हमला कर दिया और उनकी जमकर पिटाई की।
टाटा स्टील के अधिकारियों और वेंडरों पर गंभीर आरोप
अस्पताल में भर्ती जयकिशोर सिंह ने इस हमले के पीछे गहरी साजिश का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कंपनी के पदाधिकारी अजित वर्मा से जुड़े लोगों और टाटा कंपनी के कुछ वेंडरों ने मिलकर यह हमला कराया है। इनका एकमात्र उद्देश्य ड्राइवरों के उचित मानदेय की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को कुचलना और हड़ताल को विफल करना है।
7000 ड्राइवरों का आंदोलन और चक्का जाम
जमशेदपुर के लगभग सात हजार लोकल वाहन ड्राइवर उचित मानदेय की मांग को लेकर बुधवार से चक्का जाम पर हैं। ड्राइवरों का आरोप है कि उन्हें वाजिब मजदूरी नहीं मिल रही है। जयकिशोर सिंह पर हुए हमले के बाद ड्राइवरों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है, जिससे औद्योगिक क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पुलिस की भूमिका पर सवाल
हमले का वीडियो वायरल होने के बाद शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा पर सवाल उठने लगे हैं। यूनियन के सदस्यों का कहना है कि जब दिन-दहाड़े यूनियन अध्यक्ष को निशाना बनाया जा रहा है, तो आम ड्राइवरों की सुरक्षा की गारंटी कौन लेगा? फिलहाल पुलिस मामले की छानबीन कर रही है, लेकिन अब तक हमलावरों की गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हुई है।
