
जमशेदपुर: लौहनगरी के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल में गुरुवार को उस वक्त हड़कंप मच गया जब उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी औचक निरीक्षण के लिए जा पहुंचे। उपायुक्त ने करीब एक घंटे तक अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत परखी।
मरीजों से सीधा संवाद: सुविधाओं की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने वार्डों में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद किया। उन्होंने पूछा कि उन्हें समय पर दवाइयां और भोजन मिल रहा है या नहीं। साथ ही, उन्होंने डॉक्टरों की उपस्थिति और व्यवहार के बारे में भी फीडबैक लिया। उपायुक्त ने अस्पताल की कार्यप्रणाली को बारीकी से देखा और अस्पताल अधीक्षक के साथ कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा की।
गर्मी से पहले पानी की व्यवस्था दुरुस्त करने का अल्टीमेटम
निरीक्षण के दौरान पानी की किल्लत का मामला उपायुक्त के संज्ञान में आया। आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए उन्होंने कड़ा रुख अपनाया। उपायुक्त ने एमजीएम अधीक्षक और मानगो नगर निगम को आपसी समन्वय स्थापित करने का निर्देश दिया।उन्होंने स्पष्ट कहा कि गर्मी शुरू होने से पहले अस्पताल परिसर में पानी की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित की जाए ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
“अस्पताल अब पूरी तरह ऑपरेशनल मोड में”
उपायुक्त कर्ण सत्यार्थी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि अस्पताल अब पूरी तरह से संचालन मोड में आ चुका है। उन्होंने कहा, “निरीक्षण के दौरान जो भी कमियां पाई गई हैं, उन्हें दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाना हमारी प्राथमिकता है।”
सफाई और डॉक्टरों की उपस्थिति पर जोर
निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई और बायोमेडिकल कचरे के प्रबंधन को लेकर भी निर्देश दिए। उन्होंने चिकित्सकों को ड्यूटी के प्रति सजग रहने और गरीब मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य लाभ प्रदान करने की बात कही।
