जमशेदपुर: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की सत्र 2025-26 की वार्षिक बोर्ड परीक्षाएं कल, 17 फरवरी से शुरू होने जा रही हैं। लौहनगरी जमशेदपुर में इस परीक्षा को लेकर विद्यार्थियों के बीच उत्साह और तनाव का मिला-जुला माहौल देखा जा रहा है। इस वर्ष शहर के विभिन्न स्कूलों से 15,000 से अधिक परीक्षार्थी अपनी किस्मत आजमाने के लिए तैयार हैं।
पहले दिन की परीक्षा: 10वीं का गणित और 12वीं के वोकेशनल विषय
मंगलवार को परीक्षा के पहले दिन कक्षा 10वीं के छात्र गणित जैसे महत्वपूर्ण विषय की परीक्षा देंगे। वहीं, कक्षा 12वीं के लिए बायोटेक्नोलॉजी और इंटरप्रेन्योरशिप विषयों की परीक्षा आयोजित की जाएगी। जमशेदपुर के डीएवी पब्लिक स्कूल, चिन्मया विद्यालय और सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस समेत सभी प्रमुख स्कूलों के छात्र इन केंद्रों पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराएंगे।
परीक्षा का समय और रिपोर्टिंग
सीबीएसई के दिशा-निर्देशों के अनुसार, परीक्षा का आधिकारिक समय सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक निर्धारित किया गया है।छात्रों को परीक्षा केंद्र पर कम से कम आधा घंटा पहले (10:00 AM तक) पहुंचना अनिवार्य है. शहर की यातायात व्यवस्था को देखते हुए छात्रों और अभिभावकों को समय से घर से निकलने की सलाह दी गई है।
क्या ले जाएं और क्या नहीं? (महत्वपूर्ण नियम)
परीक्षा की पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखने के लिए बोर्ड ने कड़े नियम लागू किए हैं
प्रतिबंधित वस्तुएं: मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, डिजिटल घड़ियां और किसी भी प्रकार के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर पूर्णतः प्रतिबंध है।
अनुमति: छात्रों को केवल पारदर्शी पेन और पेंसिल बॉक्स ले जाने की अनुमति दी गई है।
अनिवार्य दस्तावेज: मूल प्रवेश पत्र (Admit Card) के बिना केंद्र में प्रवेश नहीं मिलेगा।
शिक्षकों और प्रधानाचार्यों का संदेश
परीक्षा की पूर्व संध्या पर जमशेदपुर के विभिन्न स्कूलों के प्रधानाचार्यों ने छात्रों का मनोबल बढ़ाया। शिक्षकों ने छात्रों को सलाह दी है कि वे अंतिम समय में नया टॉपिक पढ़ने के बजाय रिवीजन पर ध्यान दें।रात में पर्याप्त नींद लें और हल्का भोजन करें।परीक्षा हॉल में प्रश्न पत्र को ध्यान से पढ़ने के बाद ही उत्तर लिखना शुरू करें।
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम
जमशेदपुर के विभिन्न हिस्सों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा और पर्यवेक्षकों की विशेष टीम तैनात की गई है। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों और उड़नदस्तों के जरिए कड़ी निगरानी रखी जाएगी ताकि किसी भी प्रकार की कदाचार की संभावना को रोका जा सके।
