जमशेदपुर : टाटानगर और पटना के बीच चलने वाली प्रीमियम ट्रेन वंदे भारत एक्सप्रेस में यात्री सेवाओं को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है। सोमवार को यात्रा कर रहे एक यात्री ने भोजन की खराब गुणवत्ता और स्टाफ की लापरवाही को लेकर रेल मंत्रालय और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से आधिकारिक शिकायत दर्ज कराई है।
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता वरुण कुमार सोमवार को पटना से टाटानगर का सफर कर रहे थे।यात्री ने शाकाहारी भोजन का ऑर्डर दिया था, लेकिन ट्रेन स्टाफ ने बाद में सूचित किया कि नियमित भोजन खत्म हो चुका है।विकल्प के तौर पर यात्री को एक ब्रांडेड “रेडी-टू-ईट” मील पैकेट थमा दिया गया। यात्री का आरोप है कि इस पैकेट को बिना गर्म किए ही परोस दिया गया। खाना पूरी तरह ठंडा था और चावल ठीक से पके नहीं थे, जिससे वह खाने लायक नहीं था।
सोशल मीडिया पर फूटा गुस्सा
वरुण कुमार ने इस घटना की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने रेल मंत्रालय को टैग करते हुए लिखा कि वंदे भारत जैसी प्रीमियम ट्रेन, जहाँ यात्री अधिक किराया देकर बेहतर सुविधाओं की उम्मीद करते हैं, वहाँ इस तरह की सेवा “अस्वीकार्य” है। उन्होंने इसे यात्रियों के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ करार दिया।
शिकायतों का पुराना इतिहास
यह पहली बार नहीं है जब इस रूट की वंदे भारत एक्सप्रेस विवादों में आई है।15 मार्च को इसी ट्रेन में परोसी गई दही खराब होने की शिकायत मिली थी। पिछली घटना के बाद रेलवे ने संबंधित कैटरिंग एजेंसी पर जुर्माना और अन्य दंडात्मक कार्रवाई की थी।बार-बार हो रही इन घटनाओं से यात्रियों में रोष है। लोगों का कहना है कि सिर्फ जुर्माने से काम नहीं चलेगा, बल्कि सेवाओं की नियमित मॉनिटरिंग जरूरी है।
रेलवे प्रशासन की प्रतिक्रिया का इंतज़ार
सोशल मीडिया पर मामला तूल पकड़ने के बाद रेलवे के आधिकारिक हैंडल से शिकायत का संज्ञान लिए जाने की बात कही गई है। अब देखना यह है कि जांच के बाद संबंधित वेंडर या स्टाफ के खिलाफ क्या ठोस कार्रवाई की जाती है। यात्रियों की मांग है कि प्रीमियम ट्रेनों में भोजन की उपलब्धता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए सख्त मानक तय किए जाएं।
