जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी के तत्वाधान में मंगलवार को साकची गोलचक्कर पर एक नुक्कड़ सभा का आयोजन किया गया। परविंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित इस सभा में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता शामिल हुए और महिला आरक्षण बिल की वर्तमान स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।
“महिला आरक्षण की पुरानी समर्थक है कांग्रेस”
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने भाजपा के आरोपों का खंडन किया और कांग्रेस के योगदान को याद दिलाया।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि मार्च 2010 में डॉ. मनमोहन सिंह सरकार के समय ही राज्यसभा में महिला आरक्षण बिल पारित कराया गया। हमेशा से राजनीति में महिलाओं की 33% भागीदारी की पक्षधर रही है और इसके लिए लगातार प्रयास किए हैं।
जनगणना और परिसीमन की शर्त पर सवाल
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार ने इस बिल को लागू करने के लिए ऐसी शर्तें जोड़ दी हैं जिससे इसमें अनावश्यक देरी होगी। कांग्रेस का कहना है कि महिला आरक्षण को जनगणना और परिसीमन से जोड़ना इस अधिकार को टालने की एक कोशिश है। सभा में मांग की गई कि बिना किसी शर्त या गलत मंशा के महिला आरक्षण को जल्द से जल्द प्रभावी रूप से लागू किया जाए।
भाजपा के आरोपों का पलटवार
सभा के दौरान परविंदर सिंह ने कहा कि भाजपा विपक्ष पर भ्रम फैलाने का आरोप लगाती है, जबकि वास्तविकता यह है कि कांग्रेस इस बिल की मूल प्रस्तावक रही है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को उनका हक देने के नाम पर सरकार केवल श्रेय लेने की राजनीति कर रही है, जबकि धरातल पर इसे लागू करने की नियत साफ नहीं दिख रही
