जमशेदपुर : जैव विविधता के प्रति नई पीढ़ी को जागरूक करने के लिए वन विभाग ने शुक्रवार को दलमा वन्यजीव अभयारण्य में एक भव्य कार्यक्रम आयोजित किया। इसमें शहर के विभिन्न विद्यालयों के लगभग 300 विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया और प्रकृति के साथ सीधा संवाद किया।
दलमा की पहाड़ियों पर एडवेंचर और लर्निंग
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण दलमा की पहाड़ियों पर आयोजित ट्रैकिंग रही। बच्चों ने न केवल ट्रैकिंग का आनंद लिया, बल्कि रास्ते में वन विभाग के अधिकारियों से जंगलों और पारिस्थितिकी तंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारियां भी हासिल कीं। अलग-अलग स्कूलों के छात्र-छात्राओं के साथ उनके शिक्षक भी इस अभियान में शामिल हुए। विद्यार्थियों ने दालमा की प्राकृतिक सुंदरता, दुर्लभ वनस्पतियों और वन्यजीवों के आवास को करीब से देखा।
वीडियो प्रेजेंटेशन से समझाई ‘जैव विविधता’ की अहमियत
ट्रैकिंग के बाद स्कूली छात्राओं के लिए एक विशेष शैक्षिक सत्र का आयोजन किया गया। वीडियो प्रेजेंटेशन के माध्यम से उन्हें विस्तार से समझाया गया कि जीव-जंतु और वन संपदा पर्यावरण संतुलन के लिए क्यों अनिवार्य हैं।लुप्त होती प्रजातियों को बचाने में आम नागरिक की क्या भूमिका हो सकती है।जैव विविधता के बिना मानव अस्तित्व का भविष्य खतरे में है।
अधिकारियों का संदेश: “संरक्षण ही सुरक्षित भविष्य है”
मौके पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल किताबों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि प्रकृति का संतुलन बनाए रखने के लिए जंगलों और वन्य जीवों का बचाव प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि आने वाली पीढ़ियों को एक सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
बच्चों ने लिया पर्यावरण संरक्षण का संकल्प
दलमा की शुद्ध हवा और हरियाली के बीच बिताए गए इस समय को बच्चों ने एक यादगार अनुभव बताया। कार्यक्रम के समापन पर सभी विद्यार्थियों और शिक्षकों ने प्रकृति के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने और पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने का सामूहिक संकल्प लिया।
