जमशेदपुर : दलमा वन्यजीव अभयारण्य के मकुलाकोच में गुरुवार से तीन दिवसीय “अभिप्राय राष्ट्रीय आर्ट वर्कशॉप” की भव्य शुरुआत हुई। 17 मई तक चलने वाली इस कार्यशाला में कला के माध्यम से प्रकृति और मानव के गहरे जुड़ाव को प्रदर्शित किया जा रहा है।
‘बाउवा कल्पवृक्ष’ के रोपण से शुभारंभ
कार्यक्रम का औपचारिक उद्घाटन झारखंड बायोडायवर्सिटी बोर्ड के चेयरमैन विश्वनाथ शाह ने किया। उन्होंने अफ्रीकन मूल के औषधीय और महत्वपूर्ण पौधे ‘बाउवा कल्पवृक्ष’ का पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प दोहराया। इसके पश्चात उन्होंने स्वयं कैनवास पर चित्र उकेर कर कार्यशाला की शुरुआत की।
देश के विभिन्न हिस्सों से जुटे 40 फनकार
इस आर्ट कैंप में झारखंड और पड़ोसी राज्यों के नामी कलाकार हिस्सा ले रहे हैं। जमशेदपुर, रांची, हजारीबाग और कोलकाता समेत कई शहरों के कलाकार यहाँ जुटे हैं।कलाकार दालमा के नैसर्गिक वातावरण के बीच रहकर प्रकृति, वन्यजीव, पर्यावरण एवं जैव विविधता जैसे विषयों पर अपनी रचनात्मकता बिखेर रहे हैं।
कला के जरिए जागरूकता की नई पहल
आयोजन का मुख्य उद्देश्य कला को माध्यम बनाकर लोगों को पर्यावरण के प्रति जागरूक करना है। तीन दिनों के दौरान तैयार की गई इन चुनिंदा पेंटिंग्स को दालमा सेंचुरी में ही प्रदर्शनी के लिए रखा जाएगा।यहाँ आने वाले पर्यटक और कला प्रेमी इन कृतियों के माध्यम से प्रकृति को एक नए दृष्टिकोण से देख सकेंगे।
वन विभाग के अधिकारियों की उपस्थिति
वर्कशॉप के उद्घाटन सत्र के दौरान डीएफओ शबा आलम, दालमा के फॉरेस्ट रेंजर दिनेश चंद्रा समेत वन विभाग के कई अधिकारी और शहर के कला प्रेमी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कहा कि दलमा का शांत वातावरण कलाकारों को नई प्रेरणा देने के लिए सर्वोत्तम है।
