जमशेदपुर: उपायुक्त ने जागरूकता रथ को दिखाई हरी झंडी; जनगणना 2027 और लू-वज्रपात से बचाव का दिया संदेश

जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम के उपायुक्त श्री राजीव रंजन ने आज समाहरणालय परिसर से विशेष जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों में जाकर ग्रामीणों एवं शहरी नागरिकों को भवन गणना-जनगणना 2027 तथा लू व वज्रपात जैसी आपदाओं से बचाव के प्रति जागरूक करेगा।

जनगणना 2027: ‘भवन गणना’ के लिए सहयोग की अपील

उपायुक्त ने बताया कि आगामी जनगणना-2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए भवन गणना और मकान सूचीकरण का कार्य बेहद महत्वपूर्ण है।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि जब गणनाकमी उनके घर पहुंचें, तो उन्हें सही और सटीक जानकारी उपलब्ध कराएं। इस प्रारंभिक डेटा के आधार पर ही भविष्य की सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।

लू से बचाव के निर्देश

वर्तमान में बढ़ते तापमान को देखते हुए प्रशासन ने स्वास्थ्य सुरक्षा पर जोर दिया है। उपायुक्त ने नागरिकों को निम्नलिखित सुझाव दिए। दोपहर के समय अनावश्यक रूप से घर से बाहर न निकलें।शरीर में पानी की कमी न होने दें और पर्याप्त पानी पिएं।हल्के और सूती कपड़ों का अधिक से अधिक इस्तेमाल करें।

वज्रपात के प्रति रहें सावधान

मानसून के करीब आने और खराब मौसम की संभावनाओं के बीच वज्रपात से होने वाली मौतों को रोकने के लिए प्रशासन गंभीर है। तेज गर्जन या बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, ऊंचे पेड़ों के नीचे या जलाशयों (तालाब/नदी) के पास न जाएं।मौसम खराब होने पर पक्के मकानों में शरण लें और बिजली के उपकरणों से दूर रहें।

प्रचार-प्रसार के विभिन्न माध्यम

यह जागरूकता रथ केवल लाउडस्पीकर तक सीमित नहीं रहेगा। जिले के सुदूर क्षेत्रों तक संदेश पहुँचाने के लिए रथ में निम्नलिखित व्यवस्थाएं की गई हैं जिसमे स्थानीय भाषा और सरल हिंदी में बचाव के तरीके, पंपलेट और पोस्टर का वितरण, विभिन्न पंचायतों में नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से लू और वज्रपात से बचाव का जीवंत प्रदर्शन किया जाएगा।इस अवसर पर धनंजय, पंचानन उरांव सहित जिला प्रशासन के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे।

More From Author

जमशेदपुर: ट्रैफिक चेकिंग के नाम पर ‘अराजकता’ के खिलाफ जदयू का प्रदर्शन; ऑनलाइन चालान और पारदर्शी जांच की मांग

जमशेदपुर: ‘विश्व बायोडायवर्सिटी दिवस’ पर दालमा में उमड़ा उत्साह; 300 स्कूली बच्चों ने की ट्रैकिंग, सीखा प्रकृति संरक्षण का पाठ