जमशेदपुर के बिष्टुपुर थाना पर एक पीड़ित द्वारा गंभीर आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि शिकायत देने और कोर्ट के आदेश के बावजूद मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई। इस पूरे मामले को लेकर अब सीजीएम कोर्ट में याचिका दायर करने की तैयारी की जा रही है।
कारोबारी विवाद से जुड़ा बताया जा रहा मामला
सीपी क्लब सोनारी निवासी नरेश कुमार ने आरोप लगाया है कि 11 जनवरी की शाम वह बिष्टुपुर क्षेत्र में अपनी कार पार्क कर मॉल जा रहे थे। इसी दौरान उनके पूर्व पार्टनर करणदीप कथित रूप से अपने कुछ साथियों के साथ पहुंचे और उन्हें जबरन कार में बैठाकर मारपीट करते हुए गोलमुरी गाढ़ाबासा ले गए।पीड़ित का आरोप है कि वहां उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई और सादे कागज पर हस्ताक्षर करवाकर उनकी कार छीन ली गई।
थाना में शिकायत नहीं लेने का आरोप
नरेश कुमार का कहना है कि घटना के बाद वह बिष्टुपुर थाना पहुंचे और थाना को पूरी जानकारी देते हुए शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया गया।इसके बाद 14 जनवरी को उन्होंने पूर्वी सिंहभूम के वरीय पुलिस अधीक्षक को लिखित शिकायत दी। आरोप है कि इसके बावजूद थाना स्तर पर कोई कार्रवाई नहीं हुई और उन्हें कोर्ट के माध्यम से मामला दर्ज कराने की सलाह दी गई।
कोर्ट के आदेश के बाद भी एफआईआर दर्ज नहीं होने का दावा
पीड़ित पक्ष के अनुसार, न्यायालय में शिकायत वाद दायर किए जाने के बाद मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत द्वारा धारा 175(4) बीएनएसएस के तहत आदेश जारी किया गया था। आरोप है कि इसके बावजूद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं की गई है।
अधिवक्ता ने कोर्ट जाने की कही बात
मामले को लेकर अधिवक्ता पप्पू ने कहा कि सोमवार को सीजीएम कोर्ट में याचिका दायर की जाएगी। उन्होंने न्यायालय के आदेश के अनुपालन की मांग की है।
पुलिस की प्रतिक्रिया का इंतजार
इस मामले में अब तक बिष्टुपुर थाना या पुलिस प्रशासन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। पुलिस पक्ष आने के बाद मामले की स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।
