जमशेदपुर: प्रत्येक वर्ष की भांति इस वर्ष भी जमशेदपुर के बिरसानगर स्थित मोहरदा बस्ती के हरि मंदिर में श्रीकृष्ण जन्मोत्सव धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया गया। मध्यरात्रि में भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के समय मंदिर परिसर में भक्तों का उत्साह देखते ही बना। “हाथी घोड़ा पालकी, जय कन्हैया लाल की” के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर और आसपास का क्षेत्र गूंज उठा।
शंखध्वनि और घंटों की गूंज के बीच हुआ कान्हा का जन्म
भगवान श्रीकृष्ण के जन्म के अवसर पर मंदिर में शंखध्वनि और घंटियों की गूंज के बीच पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ बाल गोपाल का जन्मोत्सव मनाया गया। जैसे ही मध्यरात्रि में जन्म का समय हुआ, श्रद्धालुओं ने भगवान श्रीकृष्ण के जयकारे लगाए और पूरे वातावरण में भक्ति का माहौल बन गया।
दूध-दही, घी, शहद और गंगाजल से हुआ महाअभिषेक
जन्मोत्सव के बाद भगवान श्रीकृष्ण का दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से विधि-विधानपूर्वक महाअभिषेक किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान के दर्शन कर सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
श्रद्धालुओं के बीच बांटा गया विशेष महाप्रसाद
जन्मोत्सव के बाद मंदिर में उपस्थित श्रद्धालुओं के बीच विशेष महाप्रसाद का वितरण किया गया। भक्तों को माखन-मिश्री, फल और धनिया पंजीरी प्रसाद के रूप में वितरित की गई। श्रद्धालुओं ने भक्ति भाव के साथ प्रसाद ग्रहण किया।
दूसरे दिन भी आयोजित हुए कई धार्मिक कार्यक्रम
श्रीकृष्ण जन्मोत्सव को लेकर दूसरे दिन भी मंदिर परिसर में कई कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में मोहरदा बस्ती के अलावा आसपास के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने उत्साह और श्रद्धा के साथ कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और भगवान श्रीकृष्ण की भक्ति में लीन नजर आए।
