जमशेदपुर : बिहार के शाहपुर विधानसभा क्षेत्र के जवनिया गांव निवासी भरत तिवारी की कथित मुठभेड़ (एनकाउंटर) में हुई मौत के विरोध में रविवार को जमशेदपुर के साकची गोलचक्कर पर कैंडल मार्च सह विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया और मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग उठाई। इस दौरान दिवंगत भरत तिवारी को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई।
निष्पक्ष जांच की मांग, कानून के पालन पर दिया जोर
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि किसी भी मामले में कानून और संवैधानिक प्रक्रियाओं का पालन सर्वोपरि होना चाहिए। उनका कहना था कि यदि किसी कार्रवाई में पारदर्शिता नहीं होती है, तो इससे आम लोगों का न्याय व्यवस्था पर विश्वास प्रभावित होता है।उन्होंने मांग की कि भरत तिवारी की मौत से जुड़े सभी तथ्यों को सार्वजनिक किया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराई जाए।
कमल किशोर ने उठाए सवाल
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए समाज के वरिष्ठ सदस्य कमल किशोर ने कहा कि वर्तमान समय में लोग संस्कार और संवेदनाओं से दूर होते जा रहे हैं, जिससे न्याय व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं।उन्होंने कहा कि भरत तिवारी का कथित एनकाउंटर कई गंभीर प्रश्न खड़े करता है और इसकी निष्पक्ष जांच आवश्यक है। उनका कहना था कि यदि जांच के दौरान किसी अधिकारी या कर्मी की लापरवाही अथवा अनियमितता सामने आती है, तो उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
पीड़ित परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग
कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने राज्य सरकार से मांग की कि पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया जाए, उचित आर्थिक सहायता प्रदान की जाए तथा परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए।कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने मोमबत्तियां जलाकर भरत तिवारी को श्रद्धांजलि दी और कहा कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं कराई गई तो लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
कार्यक्रम में रहे मौजूद
इस अवसर पर संतोष तिवारी, बलबीर मंडल, दीपक सिंह, अप्पू तिवारी, प्रकाश दुबे, संजय यादव, पवन तिवारी, राहुल तिवारी, ऋषभ सिंह, नवीन राय, हेमंत पाठक, संजय तिवारी, सोनू तिवारी, विष्णु मोहंती समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।
