रांची: झारखंड में 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने आंदोलनकारी छात्रों को बातचीत का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं और छात्र अपनी मांगों को सीधे सरकार के समक्ष रख सकते हैं।मुख्यमंत्री ने कहा,”सरकार के दरवाजे सभी के लिए खुले हैं। जिनकी जो मांग है, वे सरकार के सामने अपनी बात रख सकते हैं। यह विषय पहले से ही हमारे संज्ञान में है और जब छात्र अपनी बातें रखेंगे तो सरकार उन पर गंभीरता से विचार करेगी।”
सीआईडी पर सवालों के बीच मुख्यमंत्री का जवाब
छात्रों द्वारा झारखंड सीआईडी की जांच पर भरोसा नहीं जताए जाने के सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में कई जांच एजेंसियां हैं और सभी उनके कार्य करने के तरीके से परिचित हैं।उन्होंने कहा,”सबकी एजेंसी है। देश में कौन-कौन सी एजेंसियां हैं, यह आप सभी जानते हैं। कौन किस तरीके से काम कर रहा है और आंदोलन के मोर्चे कैसे संभाले जा रहे हैं, यह भी सबको पता है।”
‘झारखंड सरकार ने तुरंत संज्ञान लिया’
हेमंत सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार ने इस मामले को गंभीरता से लिया है और आवश्यक कदम उठाए हैं। उन्होंने अन्य राज्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि वहां भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन कई जगह सरकारें कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही हैं।मुख्यमंत्री ने कहा,”आज हमारी सरकार ने जिस तरीके से इस मामले पर संज्ञान लिया है और कदम बढ़ाए हैं, वैसा हर जगह देखने को नहीं मिलता। अन्य राज्यों में भी ऐसी घटनाएं हो रही हैं, लेकिन वहां सरकार कोई कार्रवाई नहीं कर रही है।”
वार्ता की दिशा में बढ़ रही प्रक्रिया
गौरतलब है कि जेपीएससी परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्र पिछले कई दिनों से रांची के जयपाल सिंह स्टेडियम में आंदोलनरत हैं। राज्य सरकार की ओर से प्रशासनिक अधिकारियों को छात्रों से वार्ता के लिए भेजा गया है। अब मुख्यमंत्री के ताजा बयान के बाद आंदोलन के समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल की उम्मीद बढ़ गई है।
