बहरागोड़ा : पूर्वी सिंहभूम जिले के बहरागोड़ा प्रखंड के सांद्रा पंचायत निवासी गोविंद मुंडा की विशाखापट्टनम (आंध्र प्रदेश) के पास असामयिक मृत्यु हो गई है। इस दुखद घटना की जानकारी साझा करते हुए झारखंड मुक्ति मोर्चा के केंद्रीय प्रवक्ता सह पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मदद की गुहार लगाई थी।
कुणाल षाडंगी का ट्वीट और सीएम का एक्शन
कुणाल षाडंगी ने सोशल मीडिया (एक्स ) के माध्यम से मुख्यमंत्री को अवगत कराया था कि गोविंद मुंडा की मृत्यु के बाद उनके परिजन पार्थिव शरीर को वापस लाने में असमर्थ हैं और गहरे संकट में हैं। ट्वीट मिलते ही मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मामले को गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को त्वरित कार्रवाई का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि शोक संतप्त परिवार को किसी भी प्रकार की कठिनाई नहीं होनी चाहिए और सरकार की ओर से हरसंभव वित्तीय व प्रशासनिक सहायता दी जाए।
पार्थिव शरीर को गृह ग्राम लाने की तैयारी
मुख्यमंत्री के आदेश के बाद जिला प्रशासन और राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष सक्रिय हो गया है। झारखंड सरकार के अधिकारी विशाखापट्टनम के स्थानीय प्रशासन और अस्पताल प्रबंधन से संपर्क साध रहे हैं। शव को एम्बुलेंस या अन्य उचित माध्यम से विशाखापट्टनम से बहरागोड़ा स्थित उनके पैतृक निवास तक पहुँचाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।सरकार की इस पहल से पीड़ित परिवार को इस कठिन घड़ी में संबल मिला है।
मानवीय आधार पर सरकार की पहल
झारखंड सरकार लगातार अन्य राज्यों में काम करने वाले राज्य के श्रमिकों के हितों की रक्षा के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में बिना किसी देरी के राहत पहुँचाई जाए।
