जमशेदपुर: शहर के एक इलाके में छोटे-छोटे बच्चों द्वारा साइकिल पर खतरनाक स्टंट किए जाने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। स्थानीय लोगों के अनुसार, बच्चों का एक समूह प्रतिदिन यहां इकट्ठा होकर साइकिल से जोखिम भरे करतब दिखाता है। इन स्टंटों को देखने के लिए राहगीरों की भीड़ भी रुक जाती है और कई लोग बच्चों के संतुलन एवं प्रतिभा की सराहना करते हैं।
बिना सुरक्षा उपकरण कर रहे खतरनाक स्टंट
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक बच्चे साइकिल का एक पहिया उठाकर चलाना (व्हीली), हैंडल छोड़कर साइकिल चलाना और अन्य खतरनाक स्टंट करते हैं। चिंता की बात यह है कि इनमें से किसी भी बच्चे ने हेलमेट, नी-कैप, एल्बो गार्ड या अन्य सुरक्षा उपकरण नहीं पहन रखे होते हैं। साथ ही, स्टंट के दौरान किसी प्रशिक्षित कोच या विशेषज्ञ की निगरानी भी नहीं होती।ऐसे में जरा-सी चूक गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
रोजाना जुटती है बच्चों की टोली
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह कोई एक-दो दिन की घटना नहीं है। बच्चों का यह समूह लगभग रोजाना इसी स्थान पर पहुंचकर स्टंट करता है। इससे न केवल बच्चों की सुरक्षा बल्कि सड़क से गुजरने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है।कई अभिभावकों ने भी कहा कि बच्चों की ऊर्जा और प्रतिभा को सही दिशा देने की जरूरत है, ताकि वे सुरक्षित वातावरण में अपने कौशल का विकास कर सकें।
विशेषज्ञों ने दी सुरक्षित प्रशिक्षण की सलाह
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बच्चों की रुचि साइकिल स्टंट या एडवेंचर स्पोर्ट्स में है, तो उन्हें उचित प्रशिक्षण, सुरक्षा उपकरण और निर्धारित सुरक्षित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए। सार्वजनिक सड़कों या भीड़भाड़ वाले इलाकों में बिना सुरक्षा और प्रशिक्षण के स्टंट करना गंभीर हादसों को आमंत्रण दे सकता है।
प्रशासन और अभिभावकों से अपील
स्थानीय लोगों ने अभिभावकों से बच्चों की गतिविधियों पर निगरानी रखने तथा प्रशासन से ऐसे मामलों में आवश्यक कदम उठाने की अपील की है। उनका कहना है कि समय रहते जागरूकता और उचित व्यवस्था से किसी संभावित दुर्घटना को रोका जा सकता है।
