पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमेटी ने छात्रों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी एवं जवाबदेह बनाने की मांग की गई।
पेपर लीक से छात्रों का भविष्य प्रभावित: परविंदर सिंह
जिला कांग्रेस अध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि हाल के वर्षों में प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आए पेपर लीक के मामलों ने लाखों-करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि छात्रों ने वर्षों की मेहनत से परीक्षाओं की तैयारी की, लेकिन बार-बार होने वाली इन घटनाओं से परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। इससे छात्रों के बीच निराशा और असुरक्षा का माहौल बना है।
छात्रों पर बल प्रयोग का लगाया आरोप
कांग्रेस ने आरोप लगाया कि अपनी मांगों को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर बल प्रयोग, लाठीचार्ज और अन्य कठोर कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है। पार्टी का कहना है कि छात्रों की समस्याओं का समाधान संवाद और सकारात्मक पहल के माध्यम से किया जाना चाहिए, न कि दमनात्मक कार्रवाई से।
राष्ट्रपति से की कई महत्वपूर्ण मांगें
ज्ञापन में राष्ट्रपति से मांग की गई है कि नीट सहित सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कराई जाए और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए स्थायी व्यवस्था लागू करने की भी मांग की गई।कांग्रेस ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई की उच्चस्तरीय जांच कराने, दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की भी मांग की है।
केंद्रीय मंत्रियों की जिम्मेदारी तय करने की मांग
ज्ञापन में कांग्रेस ने परीक्षा प्रबंधन में कथित चूक की नैतिक जिम्मेदारी तय करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने तथा छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस्तीफा लेने की मांग भी राष्ट्रपति से की है।कांग्रेस नेताओं ने कहा कि देश के करोड़ों विद्यार्थियों के भविष्य और शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए केंद्र सरकार को शीघ्र प्रभावी कदम उठाने चाहिए।
