जमशेदपुर :प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा पारित ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) के ऐतिहासिक निर्णय का उत्सव मनाने के लिए गुरुवार को लौहनगरी में एक भव्य पदयात्रा निकाली गई। जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू के नेतृत्व में आयोजित इस यात्रा में झारखंड की पूर्व मुख्यमंत्री की पत्नी मीरा मुंडा समेत हजारों महिलाओं ने हिस्सा लिया।
एग्रिको से भालूबासा तक दिखा उत्साह
पदयात्रा की शुरुआत एग्रिको ट्रैफिक सिग्नल के समीप दुर्गा पूजा मैदान से हुई, जो भालूबासा हरिजन स्कूल मैदान तक पहुँची। यात्रा में झारखंड की पारंपरिक संस्कृति की सुंदर झलक दिखी। महिलाएं पारंपरिक परिधानों और वाद्ययंत्रों के साथ शामिल हुईं। “भारत माता की जय” और “नारी शक्ति जिंदाबाद” के नारों के साथ महिलाओं ने हाथों में तख्तियां लेकर इस अधिनियम के प्रति अपना समर्थन और आभार जताया। स्काउट एंड गाइड के सदस्यों ने भी इस गौरवमयी यात्रा में अपनी सहभागिता दर्ज की।
“महिला सशक्तिकरण के नए युग का उद्घोष”
पदयात्रा के समापन पर भालूबासा में आयोजित सभा को संबोधित करते हुए विधायक पूर्णिमा साहू ने कहा “यह अधिनियम भारत के लोकतांत्रिक इतिहास का एक ऐतिहासिक मोड़ है। अब लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित होने से नीति-निर्माण में हमारी आधी आबादी की सीधी भागीदारी बढ़ेगी।”उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि इस कानून के लागू होने से संसद में महिलाओं की उपस्थिति 13.63% से बढ़कर 33% हो जाएगी, जो आने वाले समय में एक बड़े सामाजिक और राजनीतिक परिवर्तन की नींव रखेगा।
हस्ताक्षर अभियान और आभार
कार्यक्रम के अंत में भालूबासा हरिजन स्कूल मैदान में एक हस्ताक्षर अभियान चलाया गया। उपस्थित हजारों महिलाओं ने सामूहिक रूप से हस्ताक्षर कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति अपना आभार व्यक्त किया और इस कानून को राष्ट्र निर्माण की दिशा में एक दूरदर्शी कदम बताया। विधायक ने अंत में भारत की महान महिलाओं के संघर्षों को याद करते हुए कहा कि उचित अवसर मिलने पर महिलाएं हर क्षेत्र में उत्कृष्टता सिद्ध कर सकती हैं, और यह अधिनियम उन्हें वही अवसर प्रदान करेगा।
