जमशेदपुर :भुइंयाडीह छाया नगर स्थित श्री राधा गोविंद मंदिर कमेटी की ओर से आयोजित चार दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के प्रथम दिन शुक्रवार को भव्य एवं आध्यात्मिक कलश यात्रा निकाली गई। ढोल-नगाड़ों की थाप, आतिशबाजी और जयकारों के बीच बस्ती व आसपास के क्षेत्रों से जुटीं 500 से अधिक महिलाओं ने गाजे-बाजे के साथ स्वर्णरेखा नदी तट पहुंचकर पवित्र जल उठाया और मंदिर प्रांगण में कलश स्थापित किया।इसके पश्चात बनारस व स्थानीय आचार्यों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भगवान श्री राधा-गोविंद की प्रतिमाओं का अधिवास व प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान शुरू हुआ, जो देर शाम तक अनवरत चलता रहा।
20 वर्षों का इंतजार खत्म; बस्तीवासियों के सहयोग से बना भव्य मंदिर
समारोह के संबंध में जानकारी देते हुए मंदिर कमेटी के सचिव राम शर्मा ने बताया मंदिर कमेटी विगत 20 वर्षों से क्षेत्र में भव्य रूप से श्री कृष्ण जन्माष्टमी का आयोजन करती आ रही थी। हालांकि, एक व्यवस्थित मंदिर न होने के कारण यह आध्यात्मिक कार्य अधूरा महसूस होता था। अब स्थानीय बस्तीवासियों और श्रद्धालुओं के अथक सहयोग से सुंदर मंदिर का निर्माण पूर्ण हुआ है। मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा हो जाने से अब भक्त नियमित रूप से विधि-विधानपूर्वक दर्शन व पूजन कर सकेंगे।
4 दिवसीय धार्मिक महोत्सव का पूरा कार्यक्रम की सूची
प्राण प्रतिष्ठा के उपलक्ष्य में चार दिनों तक विभिन्न धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की गई है जिसमें 4 सितंबर (प्रथम दिन): भव्य कलश यात्रा, जलयात्रा एवं प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान का शुभारंभ,5 सितंबर (द्वितीय दिन): अखंड हरि कीर्तन का शुभारंभ तथा बच्चों के लिए ‘फैंसी ड्रेस’ व बाल प्रतियोगिता,6 सितंबर (तृतीय दिन): प्रतियोगिता के विजेता बच्चों का पुरस्कार वितरण एवं शाम में भव्य ‘भजन संध्या’ का आयोजन और 7 सितंबर (अंतिम दिन): विशाल महाभोग (भंडारा) का वितरण, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है।
भक्तिमय माहौल में उमड़े श्रद्धालु
कलश यात्रा के दौरान पूरे भुइंयाडीह और छाया नगर क्षेत्र का वातावरण ‘राधे-राधे’ और ‘हरे कृष्णा’ के भजनों से गुंजायमान रहा। आयोजन को सफल बनाने में श्री राधा गोविंद मंदिर कमेटी के सदस्यों, महिला समिति और स्थानीय युवाओं की सराहनीय भूमिका रही।
